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बाराबंकी में मौतों के मामले में डीएम, चिकित्सक व पुलिस की राय रही जुदा, जानिए क्या कहा सबने

कल से बाराबंकी में हो रही मृत्यु के मामले में जो तमाम तरह की कयास लगाए जा रहे थे, उन सभी पर आज बाराबंकी के जिलाधिकारी ने विराम लग दिया।

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Barabanki DM

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बाराबंकी. कल से बाराबंकी में हो रही मृत्यु के मामले में जो तमाम तरह की कयास लगाए जा रहे थे, उन सभी पर आज बाराबंकी के जिलाधिकारी ने विराम लग दिया। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने बताया कि कल से जिले में अब तक 11 लोगों की मौत हुई हैं, जिनमें 3 लोगों की स्प्रिट पीने से और बाकी आठ लोगों की स्वाभाविक मृत्यु हुई है।

परिजनों से पूछताछ के आधार पर की पुष्टि-

बाराबंकी के जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने आज जिले में 11 मौत के कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि कल से लोगों द्वारा अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे थे, मगर हमारे द्वारा जाँच कराने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जिन 11 लोगों की मौत हुई है उनमें से 3 लोगों की मौत स्प्रिट पीने से और बाकी 8 लोगों की मौत स्वाभाविक रूप से मौत हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ और उनके बयान को आधार मानकर जांच की गई है, जिससे कारण स्पष्ट हो जाता है।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा मृत्यु ठण्ड से नहीं हुई-

बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी रमेश चन्द्रा ने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया है, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। जांच के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि इनकी मृत्यु ठण्ड से नहीं हुई है।

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कल देवा इलाके के एक गाँव में राम नरेश नामक एक शख्स के घर उनके पिता की खराब तबियत का हाल जानने राम नगर से दो लोग आए थे। इस दौरान घर पर मेहमानों के लिए मांसाहार बनवाया गया। खाने पीने के साथ मदन नामक शख्स से स्प्रिट मंगवाई गयी और उसका सेवन किया गया। पूछताछ में यह स्पष्ट हो जाता है कि इनकी मौत स्प्रिट पीने से हुई है। जिस मदन नामक व्यक्ति से स्प्रिट मंगवाई गयी थी, उसकी भी जांच की गई तो पता चला कि मदन के पास स्प्रिट बेचने का लाइसेंस है। मगर स्प्रिट पीने के लिए नहीं होती, अलग-अलग उपयोग के लिए होती हैं। इसलिए इसकी भी जाँच की जाएगी। जाँच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्यवाई की जाएगी।