17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 बाबा जय गुरुदेव के कार्यक्रम के दौरान बाराबंकी की बुजुर्ग महिला की गई जान

वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में बाराबंकी की बुजुर्ग महिला सुमित्रा देवी की जान चली गई।

2 min read
Google source verification

image

Akansha Singh

Oct 17, 2016

barabanki

barabanki

बाराबंकी। वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में बाराबंकी की बुजुर्ग महिला सुमित्रा देवी की जान चली गई। शव के पहुंचने पर गांव में शोक का माहौल। रोते बिलखते मासूम बच्चे और ये उनका पूरा परिवार आज मातम मना रहा है की अब उनके परिवार में छोटे बच्चे को कहानिया कौन सुनाएगा? बड़े और छोटे भाइयों के छोटे बच्चों की देखरेख कौन करेगा ?

दरअसल वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के कार्यक्रम में भगदड़ के दौरान 50 वर्षीय सुमित्रा देवी की मौत से अब उनके गांव में सन्नाटा पसरा है। बाराबंकी के फतेहपुर तहसील अंतर्गत बेलहरा कसबे से सटे गांव कैथा मजरे नयी दुनिया की निवासी सुमित्रा अपने पति से अनबन होने के बाद अपने मायके में रह रही थी और वो पिछले 4 -5 सालों से बाबा जय गुरुदेव की भक्त होकर उनके कार्यक्रमों में जा रही थी।

उनकी वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के कार्यक्रम के दौरान हुयी भगदड़ में मौत हो गयी थी। जब लोगों को सुमित्रा की मौत की खबर गांव पहुंची तो वहां मातम पसर गया। आज उनके परिवार वाले लोग सुबह से ही सुमित्रा की डेड बॉडी आने का इन्तजार कर रहे थे। जब देर शाम सुमित्रा का शव उनके गांव नई दुनिया पहुंचा तो लोगों की आंखे नम हो गयीं। मृतका सुमित्रा देवी की शादी बाराबंकी के ही मसौली गांव के अशोक वर्मा से हुई थी परंतु शादी के कुछ दिन बाद ही पति से अनबन होने की वजह से सुमित्रा देवी अपने भाइयों के पास मायके में रहने लगी थी। मायके से मिली ज़मीन पर खेती करवाकर वह अपना जीवन यापन करती थीं।

वाराणसी के कार्यक्रम में जाने से कुछ देर पहले तक वे खेत में धान कटवा रही थी मगर नियति को शायद यही मंजूर था। लोगों के काफी कहने पर वे कार्यक्रम में चलने को अचानक तैयार हो गयी। उन्हें क्या पता था कि यह वाराणसी यात्रा उनके जीवन की अंतिम यात्रा साबित होगी। अचानक हुए इस हादसे से पूरा गांव शोककुल है। मृतका के घर पर शोक व्यक्त करने पहुंचे क्षेत्रीय भाजपा नेता मनोज सिंह ने इस घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा की यह प्रदेश सरकार की लापरवाही का नतीजा है की तीन हजार लोगों की अनुमति के बाद कार्यक्रम स्थल पर लाखों लोग आ गए और यह हादसा ही गया। इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।


बड़ी खबरें

View All

ट्रेंडिंग