
जिले के मेलखेड़ी गांव निवासी डॉ. राजकुमार यादव ने एक बार फिर सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट कर जिले और शहर का ही नहीं गांव ओर परिजनों का भी मान बढ़ाया है। डॉ. यादव जयपुर स्थित सवाई मानङ्क्षसह अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के वरिष्ठ आचार्य है। उन्होंने जोधपुर से एअर एम्बुलेंस से धडक़ता हुआ दिल जयपुर लाकर ट्रांसप्लांट किया। डॉ. यादव का यह तीसरा हृदय प्रत्यारोपण ऑपरेशन है। इससे पहले भी वह दो लोगों को हृदय प्रत्यारोपित कर चुके हैं। तीसरा सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपित करना राष्ट्रीय स्तर पर उनकी बड़ी उपलब्धि है।
बारां. जिले के मेलखेड़ी गांव निवासी डॉ. राजकुमार यादव ने एक बार फिर सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट कर जिले और शहर का ही नहीं गांव ओर परिजनों का भी मान बढ़ाया है। डॉ. यादव जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के वरिष्ठ आचार्य है। उन्होंने जोधपुर से एअर एम्बुलेंस से धडक़ता हुआ दिल जयपुर लाकर ट्रांसप्लांट किया। डॉ. यादव का यह तीसरा हृदय प्रत्यारोपण ऑपरेशन है। इससे पहले भी वह दो लोगों को हृदय प्रत्यारोपित कर चुके हैं। तीसरा सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपित करना राष्ट्रीय स्तर पर उनकी बड़ी उपलब्धि है।
सोमवार को शहर और पैतृक गांव मेलखेड़ी के लोगों को जैसे ही इसका पता लगा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेलखेड़ी के डॉ. राजकुमार के भाई दिनेश यादव ने बताया कि डॉ. यादव को शनिवार शाम पांच बजे जोधपुर एम्स में एक मृतका के परिजनों से अंगदान की सहमति की सूचना मिली थी। हार्ट 20 फीसदी ही काम कर रहा था। वे रात 12 बजे जयपुर से रवाना होकर रविवार सुबह 7 बजे जोधपुर पहुंचे। वहां से हार्ट लेकर सुबह 11 बजे की फ्लाइट से जयपुर पहुंचे और दोपहर 12.30 बजे से जयपुर एसएमएस में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई। पांच घंटे की प्रक्रिया के बाद रविवार शाम हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। दिल को लाने के लिए जयपुर व जोधपुर पुलिस ने एअरपोर्ट से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। डॉ. राजकुमार यादव के साथ डॉ. संजीव देवगढ़ा, डॉ. आरजी यादव, एनेस्थिसिया डॉ. रीमा मीणा, डॉ. अंजुम आदि टीम में शामिल रहे।
ब्रेन डेड हो गई थी अनिता
सूत्रों ने बताया कि 16 जुलाई को बाड़मेर के बायतू रोड पर गलत दिशा से आ रहे डंपर व एसयूवी कार की टक्कर हो गई थी। इसमें घायल होने के बाद बाड़मेर की अनिता (24) ब्रेन डेड हो गई थी। इसके बाद उसके परिजन व ससुराल पक्ष के लोगोंं ने अंगदान की सहमति देकर मिसाल पेश की। अनिता के शरीर से हार्ट और किडनी को फ्लाइट से एसएमएस जयपुर लाकर लिवर और किडनी को जोधपुर एम्स में ही ट्रांसप्लांट किया गया। इस तरह अनिता ने 4 लोगों को जीवनदान दिया।
Updated on:
30 Jul 2024 03:27 pm
Published on:
30 Jul 2024 11:38 am

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