
पलायथा बस स्टैण्ड के निकट सोमवार रात ट्रक मोटर साइकिल दुर्घटना में मौत के आगोश में समाए शम्भूदयाल की पत्नी रामकन्या और मृतक कैलाश की मां कन्या बाई को क्या मालूम था कि दोनों खेत पर सिंचाई के काम से गए थे और उनके शव ही घर लौटेंगे।
शम्भू, कैलाश और उनका साथी सुरेन्द्र कालीसिंध नदी स्थित उनके खेतों से सिंचाई कर सोमवार रात मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे तभी फोरलेन के ऊपर फैली धुंध के चलते वहां खड़े ट्रक से टकरा गए थे।
मृतक शम्भू का शव मंगलवार दोपहर को जैसे ही घर पर पहुंचा तो उसकी पत्नी रामकन्या बाई और पुत्री दिव्या और बेटे तिरशान का रो-रो कर बुरा हाल था। शंभू घर में अकेला ही कमाने वाला था जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन करता था। इसी के घर के सामने मृतक कैलाश का मकान है। जहां उसकी मां कन्या बाई और पिता रामभरोस की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
नहीं जले चूल्हे
मंगलवार को माली मोहल्ले में घरों में चूल्हे तक नहीं जले। तड़के से ही दोनों मृतकों के घरों पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर बाद मोहल्ले से दोनों की अर्थियां एक साथ उठी तो परिजनों सहित लोगों की रूलाई फूट पड़ी।
ऐसे हुई दुर्घटना
शम्भू, कैलाश और घायल सुरेन्द्र माली सोमवार रात खेतों में सिंचाई कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थेे। रात को छाई धुंध में उन्हें फोरलेन पर खड़ा ट्रक एकाएक दिखाई नहीं दिया। जिससे उनकी बाइक ट्रक से टकरा जाने से तीनों घायल हो गए थे। तीनों को कोटा अस्पताल ले जाने पर शम्भू और कैलाश को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। घायल सुरेन्द्र का कोटा अस्पताल में उपचार जारी है।
Published on:
28 Dec 2016 03:01 pm
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