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ब्लैकमेलिंग के लिए रची थी अपहरण, गैंगरेप और गोलीकांड की साजिश : महिला ने खुद सीने में प्लांट कराई थी गोली, जिला अस्पताल कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार

इज्जतनगर की एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया अपहरण, गैंगरेप और गोलीकांड का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि महिला ने जिला अस्पताल के एक कर्मचारी और संजयनगर के एक झोलाछाप डॉक्टर की मदद से अपने सीने में गोली प्लांट कराई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

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बरेली। इज्जतनगर की एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया अपहरण, गैंगरेप और गोलीकांड का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि महिला ने जिला अस्पताल के एक कर्मचारी और संजयनगर के एक झोलाछाप डॉक्टर की मदद से अपने सीने में गोली प्लांट कराई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कोतवाली पुलिस ने अपहरण गैंगरेप और गोली मारने के मामले में महिला के कोर्ट में 164 के कलम बंद बयान दर्ज कराए हैं। बयानों का विवेचक के द्वारा अवलोकन किया जाएगा। इसके अलावा महिला की मोबाइल नंबरों की सीडीआर से भी मिलान किया जा रहा है। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

30 मार्च की रात गांधी उद्यान के पास महिला को गोली लगने की मिली थी सूचना

30 मार्च की रात बरेली के गांधी उद्यान के पास एक महिला को सीने में गोली लगी हालत में पाया गया था। अगले दिन महिला की भतीजी ने कोतवाली में तहरीर दी, जिसमें बताया गया कि महिला 300 बेड अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर निकल रही थी, तभी एक काली कार में सवार पांच युवकों ने उसका अपहरण कर लिया। कार में तीन युवकों ने गैंगरेप किया और चेन व कुंडल लूट लिए। बाद में उसे गांधी उद्यान के पास गोली मारकर फेंक दिया गया।

शुरू से ही था महिला की कहानी पर शक

घटना की जांच कर रही पुलिस को शुरू से ही कहानी में संदेह था। जब मेडिकल रिपोर्ट की गहराई से जांच की गई, तो पता चला कि महिला को जो गोली लगी थी, वह फायरआर्म इंजरी नहीं थी। बल्कि उसके शरीर में एक ऑपरेशन के जरिए गोली डाली गई थी। इसके साथ ही गोली के जख्म का सर्जिकल कट भी मिला, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।

झूठी कहानी का होगा पर्दाफाश

पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि उसने पहले एक जनप्रतिनिधि और उसके बेटे को ब्लैकमेल किया था। इस बार फिर उन्हीं को फंसाने के इरादे से उसने यह साजिश रची थी। उसने जिला अस्पताल के कर्मचारी पंकज (काल्पनिक नाम) और संजयनगर में झोलाछाप डॉक्टर मोनू (काल्पनिक नाम) की मदद से सीने में गोली प्लांट करवाई थी।

जिला अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप

जैसे ही पुलिस ने अस्पताल कर्मचारी को हिरासत में लिया, जिला अस्पताल में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। चूंकि महिला का मेडिकल भी यहीं हुआ था, इसलिए एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट को जांच में अहम माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक अस्पताल प्रबंधन से कोई दस्तावेज औपचारिक रूप से नहीं मांगे गए हैं।

जल्द होगा केस का खुलासा

पुलिस ने कहा है कि महिला ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और अब उसका बयान कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद पुलिस औपचारिक गिरफ्तारी कर पूरी कहानी का खुलासा करेगी। साथ ही, उस असलहे की तलाश भी जारी है जिससे गोली इंप्लांट की गई थी। सारे सबूत कोर्ट में पेश किए जाएंगे।