13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बरेली के बड़े अस्पताल, अग्नि सुरक्षा से कर रहे थे खिलवाड़, 16 अस्पतालों को नोटिस जारी

शहर के कई प्रमुख अस्पतालों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

2 min read
Google source verification

बरेली। शहर के कई प्रमुख अस्पतालों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ। जांच के दौरान पाया गया कि कई अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब स्थिति में हैं या पूरी तरह से अनुपलब्ध हैं। इसके चलते 16 अस्पतालों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर आग से सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर सुधार न होने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

झांसी अग्निकांड के बाद सख्त हुई जांच

झांसी के मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद शासन ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया है। इसके तहत अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार और डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद के नेतृत्व में अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम और उपकरणों की जांच के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ को आग से बचाव की ट्रेनिंग भी दी गई।

इन अस्पतालों में मिली खामियां

जांच के दौरान विनायक अस्पताल, श्री सिद्धि विनायक अस्पताल, साई सुखदा अस्पताल, लाइफ लाइन अस्पताल, रामकिशोर अस्पताल, नवकिया आई अस्पताल, आदित्य हॉस्पिटल, जनसेवा अस्पताल, स्वाति अस्पताल, वंश अस्पताल, प्रगति अस्पताल, सरल हॉस्पिटल, सर्वोदय हॉस्पिटल, नीरज लाइफकेयर एंड स्टोन सेंटर, केशलता अस्पताल और खुश्लोक हॉस्पिटल में गंभीर खामियां पाई गईं। इन सभी को नोटिस जारी कर फायर सेफ्टी के उपकरण और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कहा गया है।

एनआईसीयू और अन्य वार्डों की जांच

स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग और प्रशासन की चार सदस्यीय टीम ने अस्पतालों में एनआईसीयू और पीकू वार्ड की भी गहन जांच की। टीम ने इलेक्ट्रिक और फायर सेफ्टी ऑडिट के तहत कमियों की पहचान की और प्रबंधन को उन्हें तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी ने बताया कि रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, डॉ. रवि खन्ना अस्पताल, डॉ. गिरीश अग्रवाल अस्पताल और डॉ. कुलदीप गंगवार के अस्पतालों की भी जांच की गई। खामियों को जल्द से जल्द सुधारने के आदेश दिए गए हैं।