
बरेली। योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। हाल ही में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद अब बरेली में तहसीलदार रहे नवनीत गोयल की संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जिसकी जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) मेरठ की टीम कर रही है।
मेरठ में जिला बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी रह चुके नवनीत गोयल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद सरकार ने उनकी वित्तीय स्थिति की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान मेरठ ने बरेली के जिलाधिकारी से तहसीलदार के वेतन, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जानकारी मांगी है।
सतर्कता अधिष्ठान मेरठ की टीम नवनीत गोयल की संपत्तियों और आय के ज्ञात स्रोतों की जांच कर रही है। नवनीत गोयल मेरठ में जिला बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी और बरेली में तहसीलदार के पद पर वर्षों तक तैनात रहे। उनके बैंक खाते, नामांकित संपत्तियों, आधार-पैन डिटेल्स और वेतन रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है।
सतर्कता विभाग ने जिलाधिकारी बरेली को पत्र भेजकर नवनीत गोयल की व्यक्तिगत फाइल, आधार नंबर, पैन नंबर, नामांकित उत्तराधिकारी (पुत्र/पुत्री) और वेतन का पूरा विवरण मांगा है।
वेतन की पूरी डिटेल – कुल वेतन, आयकर कटौती, जीपीएफ, जीआईएस, मकान किराया, सरकारी वाहन, भवन व वाहन अग्रिम आदि। उनकी संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन जानकारी की। संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Published on:
23 Mar 2025 11:37 am
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