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कैराना-नूरपुर हार पर बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता का बड़ा बयान, शीर्ष नेतृत्व पर लगाए ये आरोप

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता दीप्ति भारद्वाज ने कैराना-नूरपुर हार को लेकर तमाम अहम बातें बताईं।

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BJP Spokesperson

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बरेली। कैराना और नूरपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार पार्टी कार्यकर्ताओं की उदासीनता का नतीजा है, ये कहना है भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता दीप्ति भारद्वाज का। परिणाम आने के बाद दीप्ति भारद्वाज ने कहा कि कैराना और नूरपुर में पार्टी ने बहुत मेहनत की और संगठन ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम किया, लेकिन उपचुनाव में कार्यकर्ता उदासीन रहे जिसके कारण हार का सामना करना पड़ा। पार्टी कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं। इसके लिए संगठन और सरकार को आत्मविश्लेषण की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुस्लिम, यादव और जाट फैक्टर पार्टी के लिए चुनौती हैं। हालांकि गठबंधन की ये जीत लम्बी नहीं चलने वाली है और 2019 में भारतीय जनता पार्टी फिर से चुनाव जीतेगी।

परिस्थितियां जिम्मेदार हैं हार के लिए
पार्टी की हार पर बोलते हुए दीप्ति भारद्वाज ने कहा कि हार के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है क्योंकि परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं। वहीं सरकार और संगठन को आत्मविश्लेषण करने की जरूरत है कि ऐसी कौन सी वजह है जिसके कारण कार्यकर्ता अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है और आपके साथ वो अपना जुड़ाव महसूस नहीं करता। जबकि भारतीय जनता पार्टी 11 करोड़ कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उसके बावजूद हम उसको कैश नहीं कर पा रहे हैं।

बाहरी लोगों को माननीय बनाने के चलन से निराश कार्यकर्ता
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कार्यकर्ताओं में उदासीनता का कारण कहीं न कहीं वो फैक्टर है कि बाहरियों को हमारे सिर पर लाकर बैठा देना और उनको माननीय बना देना। इस बार कार्यकर्ताओं ने ये मैसेज देने की कोशिश की है। इसे समझा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह मुस्तैदी के साथ काम करती है, उस तरह कोई और संगठन नहीं कर सकता। भाजपा अजेय पार्टी बनकर 2019 में उभरेगी।

कार्यकर्ताओं की सुनवाई हो
जब उनसे पूछा गया कि कैराना और नूरपुर उपचुनावों में न मोदी का जादू चला न योगी का, तो क्या अब किसी बदलाव की जरूरत है? इस पर पार्टी प्रवक्ता ने जवाब दिया कि ये तो शीर्ष नेतृत्व ही समझ सकता है। हम तो केवल अदने से कार्यकर्ता हैं। हम सिर्फ इतना ही कहेंगे कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न की जाए, उनकी सुनवाई हो। वे जो आपसे अपेक्षा रखते हैं, जनता जो अपेक्षा रखती है, उसे पूरा किया जाए। वहीं मुस्लिम, जाट और यादव का जो कॉम्बिनेशन हुआ है, उसमें ये मानकर चला जाए कि मुसलमान कभी हमें वोट नहीं देंगे। बीजेपी के प्रति उनका अनुराग नहीं आने वाला है। ऐसे में जो हमारा आधारभूत वोट है कम से कम वो न सरके, इसके लिए हमें तत्परता दिखानी पड़ेगी।


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