
बरेली। पुलिस की लापरवाही का एक दिलचस्प मामला सामने आया है। बिहारीपुर चौकी के इंचार्ज देवेंद्र सिंह ने चौकी परिसर में ही एक मोटर गैराज खोल लिया था और लोगों की फरियादें सुनना छोड़कर गैराज चलाने में व्यस्त थे। यह मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने जांच में पुष्टि होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
आईजीआरएस, विवेचनाओं पर नहीं ध्यान, पुरानी गाड़ियों के रखरखाव में थी दिलचस्पी
चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह पर विवेचनाओं, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों और अधिकारियों की ओर से भेजे जाने वाले प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में रुचि न लेने का आरोप है। उनका व्यवहार भी जनता के प्रति अच्छा नहीं होने की लगातार शिकायतें एसएसपी के पास पहुंची थीं। एक महिला ने भी बिहारीपुर चौकी इंचार्ज के खिलाफ उनके बेटे-बेटी की गुमशुदगी की तीन महीने बाद भी रिपोर्ट न लिखने का आरोप लगाया था। एसएसपी ने निलंबित किए गए चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
13 दिन में एसएसपी ने 10 पुलिसकर्मियों पर गिराई गाज
बरेली में पुलिस विभाग में सुधार के प्रयासों के तहत 13 अगस्त तक 10 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। इसमें 7 पुलिसकर्मी निलंबित और 3 लाइन हाजिर किए गए हैं। यह कार्रवाई गलत व्यवहार, रिश्वत लेने और जनता के प्रति निरापराधता के आरोपों के सामने आने के बाद की गई है। 9 अगस्त को सिपाही मुकेश त्यागी, 6 अगस्त को उपनिरीक्षक शशांक और 3 अगस्त को एसएचओ सिरौली लव सिरोही समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
एंटी करप्शन की कार्रवाई से भी मचा जिले में हड़कंप
एंटी करप्शन टीम ने भी रिश्वतखोर पुलिस वाले और सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है। इनमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कर्मचारी, करगैना चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र देशवाल, नलकूप विभाग के वरिष्ठ सहायक निर्भय, सीएमओ ऑफिस के प्रशासनिक अधिकारी, बिजली विभाग के जेई और कुली, बंजरिया चौकी पर तैनात दरोगा जितेंद्र और बिशारतगंज में लेखपाल शामिल हैं।
Published on:
14 Aug 2024 11:15 am
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