
अंदर से बंद था आवास का दरवाजा
सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय की जज ज्योत्सना राय शनिवार सुबह अपने कोर्ट में नहीं पहुंचीं। साथी जजों ने उनके नंबर पर कॉल की, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। कर्मचारियों के मुताबिक जज के आवास का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने धक्का मारकर उनके आवास का दरवाजा खोला। तब पुलिस अंदर घर में दाखिल हुई। अंदर एक कमरे में पंखे से उनका शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की सूचना पर डीएम मनोज कुमार और एसएसपी आलोक प्रियदर्शी समेत तमाम अधिकारी पहुंच गए।
वह वर्ष 2019 में सिविल जज बनी थीं ज्योत्सना राय
फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुला लिया गया। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मौके पर छानबीन के दौरान कुछ अभिलेख मिले हैं, जो घटनाक्रम से संबंधित हो सकता है। सभी तथ्यों पर गहनता से जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि ज्योत्सना राय मूल रूप से मऊ जिले की रहने वाली थीं। वह बदायूं में सिविल जज जूनियर डिवीजन की मुंसिफ मजिस्ट्रेट थीं। बदायूं में उनकी दूसरी पोस्टिंग थी। इससे पहले वह अयोध्या में भी तैनात रह चुकी थीं। वह वर्ष 2019 में सिविल जज बनी थीं। उनकी उम्र 29 साल बताई गई है। सरकारी आवास में महिला जज का शव मिलने से हर कोई स्तब्ध है।
Published on:
03 Feb 2024 12:50 pm
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