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एचपीसीएल डबल मर्डर में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर लगा रासुका

जिले को दहला देने वाले एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड में प्रशासन ने आखिरकार बड़ा और सख्त कदम उठा दिया है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर रासुका लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने सोमवार को एसएसपी अंकिता शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर इस कार्रवाई को मंजूरी दी, जिससे साफ हो गया कि अब आरोपी पर कानून का शिकंजा और कसने वाला है।

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मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह

बदायूं। जिले को दहला देने वाले एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड में प्रशासन ने आखिरकार बड़ा और सख्त कदम उठा दिया है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर रासुका लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने सोमवार को एसएसपी अंकिता शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर इस कार्रवाई को मंजूरी दी, जिससे साफ हो गया कि अब आरोपी पर कानून का शिकंजा और कसने वाला है।

12 मार्च 2026 को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के बायोगैस प्लांट में अजय प्रताप सिंह ने घुसकर दो वरिष्ठ अधिकारियों सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे जिले में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली भी लगी थी।

साजिश में चार और आरोपी, सभी जेल में बंद

जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या अकेले नहीं बल्कि सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थी। मामले में मुनेंद्र विक्रम सिंह, धर्मेंद्र, अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू समेत चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी को जिला कारागार बदायूं भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें अवैध कब्जे और हिंसक घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन ने अजय प्रताप सिंह की गतिविधियों को लोक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा मानते हुए रासुका के तहत निरुद्ध करने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की आपराधिक गतिविधियां सामान्य कानून से नियंत्रित नहीं हो पा रही थीं। दोहरे हत्याकांड जैसी जघन्य वारदात, पुलिस पर हमला और लगातार आपराधिक घटनाएं इस कार्रवाई की मुख्य वजह बनीं।

हत्याकांड के बाद लगातार कार्रवाई, बुलडोजर भी चला

घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला तेजी से चला। आरोपी और उसके परिजनों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला, दुकानों और फार्म हाउस को सील किया गया, जबकि अवैध कब्जों और तहबाजारी के मामलों में भी मुकदमे दर्ज हुए। कई अधिकारियों पर भी गाज गिरी और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही कोर्ट में पेश की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।