बरेली। प्रेम के खातिर टांडा के आकाश ने चार माह जेल तो सिरौली की इकरा बी ने आर्यसमाज अनाथालय में दो साल काटे। नौ सितंबर को इकरा बी के बालिग होते ही प्रेमी युगल की मर्जी से पंडित केके शंखधार ने उनका विवाह कराया। इकरा बी ने अपना नाम प्रीति रख लिया है। विवाह के बाद दोनों खुश है।
वॉलीबॉल मैच से शुरू हुई लव स्टोरी
वॉलीबॉल मैच खेलने के दौरान इकरा को आकाश से मोहब्बत हो गई। 2021 में दोनों लोग घर से भाग गए थे। इकरा बी के पिता ने सिरौली थाने में आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। नाबालिग होने की वजह से इकरा को दो साल तक आर्यसमाज अनाथालय में रहना पड़ा था। आकाश को चार महीने जेल में रहना पड़ा था। बालिग होने के बाद इकरा ने हिंदू धर्म अपनाकर आकाश के साथ शादी कर दी। इकरा ने बताया कि उसे हलाला और तीन तलाक से नफरत है। पंडित केके शंखधार ने इकरा का शुद्धिकरण किया और धर्म परिवर्तन कर शादी कराई।
बालिग होते ही शादी के लिए जताई इच्छा
पंडित केके शंखधार ने बताया कि नौ सितंबर से लड़की अनाथालय में थी। बालिग होने के बाद दोनों उनके पास आए। उन्होंने उनका विवाह करा दिया। लड़की ने हिन्दू धर्म में अपनी आस्था जताई। आकाश ने बताया कि सिरौली में वह वॉलीबॉल खेलने जाता था। इकरा अपनी छत पर आ जाती थी। दोनों में प्रेम हो गया और फिर नंबर एक्सचेंज हो गया। फोन पर बात होने लगी। एक दिन वह दोनों घर से भाग गए। प्रीति ने बताया कि नौ अगस्त को वह बालिग हो गई। इसके बाद उन्होंने शादी करने की इच्छा जाहिर की।