
बरेली। फरीदपुर में मासूम की जिंदगी पर मंडरा रहा सौदे का साया, लेकिन पुलिस की तेजी ने बड़ा खेल बिगाड़ दिया। बस में दोस्ती कर महिला ने 9 महीने के बच्चे को चुरा लिया और उसे बेचने की तैयारी में थी, मगर CCTV के जाल में फंसकर आखिरकार गिरफ्तार हो गई।
हरदोई के मिरगवां गांव की सुनभला कुमारी अपने 9 महीने के बेटे अरुण के साथ बहन के घर जा रही थी। पैसों की तंगी के चलते उसने बस में बैठी एक महिला से किराया दिलवाया। यही ‘मदद’ आगे चलकर सबसे बड़ा जाल बन गई। फरीदपुर में उतरने के बाद दोनों तीन दिन तक साथ रहीं, लेकिन महिला पहले से ही खौफनाक प्लान बना चुकी थी।
शुक्रवार को आरोपी महिला ने भरोसे में लेकर बैंक जाने का बहाना बनाया और बच्चे को लेकर फरार हो गई। मां के हाथ से मासूम छिनते ही हड़कंप मच गया और थाना फरीदपुर में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालते ही पुलिस को महिला की पहचान मिल गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और खनी नवादा गांव में दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम रंजना उर्फ बिंदा बताया, जो कुशीनगर के पडरौना की रहने वाली है। उसने कबूल किया कि वह पहले भी बच्चों को बेच चुकी है और इस मासूम को भी बेचने की तैयारी में थी। उसका आपराधिक इतिहास सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी के साथ रह रहे गुड्डू ने बताया कि महिला कई बार गर्भवती होने के बाद मायके जाती थी और फिर बच्चों को गायब कर देती थी। बाद में दो बच्चों को लेकर लौट आती थी। इस खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
इंस्पेक्टर राधेश्याम के मुताबिक, आरोपी महिला से उसके संभावित गिरोह के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह कोई बड़ा बच्चा चोरी नेटवर्क हो सकता है। आरोपी को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है और मामले में कई और खुलासे होने की संभावना है।
Updated on:
22 Mar 2026 10:43 pm
Published on:
22 Mar 2026 10:42 pm
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