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बरेली। शराब से परिवारों को नष्ट होते हुए देख नट समाज के लोगों ने ऐसा कदम उठाया कि अब लोगों को इस समाज से सीख लेनी चाहिए। शराब बंदी को लेकर नट समाज ने शराब के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। शराब को लेकर बुजुर्गों ने बैठक कर फैसला लिया है कि समाज का कोई भी व्यक्ति अब शराब नहीं पिएगा। इतना ही नहीं अब ये समाज अपने कुलदेवता पर भी शराब नहीं चढ़ाएगा। कुलदेवता पर शराब की जगह सॉफ्ट ड्रिंक चढ़ाने का फैसला लिया गया है।
पंचायत में हुआ फैसला
शेरगढ़ कस्बे से सिर्फ एक किलोमीटर दूर मानपुर पूर्वी गांव में नट बिरादरी रहती है। इस समाज के पुरुष शादियों में बैंड-बाजा बजाने का काम करते हैं। इसी से उनका परिवार चलता है। ये लोग अपने कुलदेवता को भी शराब चढ़ाकर प्रसन्न करते हैं और उस शराब को प्रसाद के रूप में खुद भी लेते हैं। कुलदेवता के प्रसाद के रूप में शराब पीते पीते समाज के ज्यादातर लोगों को इसकी लत लग गई। शराब की लत के चलते उनके परिवार में क्लेश बढ़ गया। आए दिन इस समाज के लोग महिलाओं को मारते पीटते थे। जिसके कारण नट समाज की महिलाएं काफी परेशान रहती थीं। इन महिलाओं ने पुरुषों को समझाने की बहुत कोशिश की, मगर वे नहीं माने। आखिर एक दिन इन महिलाओं ने इकट्ठे होकर शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और दुर्गा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सीमा भारती की अगुआई में गांव में पंचायत बुलवाई। महिलाओं के इस फैसले में बुजुर्गों ने भी उनका साथ दिया। इस पंचायत में सामूहिक रूप से कभी शराब न पीने का फैसला लिया गया।
सैकड़ों वर्षों पुरानी परंपरा को भी बदला
पंचायत के दौरान सैकड़ों वर्षों से चल रही परंपरा को तोड़ते हुए कुलदेवता पर शराब न चढ़ाने का भी फैसला लिया गया। इस पर सभी लोगों ने अपनी हामी भरी। महिलाओं का कहना था कि शराब के चलते कई घर बर्बाद हो चुके हैं। लिहाजा अब कुलदेवता पर शराब की जगह सॉफ्ट ड्रिंक चढ़ाई जाएगी। जो भी इसनियम को नियम तोड़ने वाले पर पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और उसे पांच जूते मारने की सजा भी दी जाएगी।
Published on:
14 Apr 2018 02:59 pm
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