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बकायेदारों पर सख्ती तेज… संपत्तियां सील कर वसूले 5.52 लाख, 12 करोड़ बकाया वाले आवासीय-व्यावसायिक भवन निशाने पर

नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर वसूलने की मुहिम तेज कर दी है। पहले जोन-1 और जोन-2 में सीलिंग कर 5.52 लाख रुपये की वसूली की गई, अब आवासीय भवनों में व्यवसाय चलाकर टैक्स दबाने वालों पर बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। चारों जोन में ऐसे भवनों की सूची तैयार कर ली गई है और भवन स्वामियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं।

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बरेली। नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर वसूलने की मुहिम तेज कर दी है। पहले जोन-1 और जोन-2 में सीलिंग कर 5.52 लाख रुपये की वसूली की गई, अब आवासीय भवनों में व्यवसाय चलाकर टैक्स दबाने वालों पर बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। चारों जोन में ऐसे भवनों की सूची तैयार कर ली गई है और भवन स्वामियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं। निगम के अनुसार कुछ संपत्तियों पर 10 से 12 करोड़ रुपये तक का टैक्स बकाया है।

शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। निर्देश दिया गया कि जो भवन आवासीय श्रेणी में दर्ज हैं, लेकिन उनमें व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, उनसे नियमानुसार हाउस टैक्स और अन्य देय कर तत्काल वसूले जाएं। निगम की टीमों ने चारों जोन में ऐसे भवन चिन्हित कर सूची तैयार कर ली है।

नोटिस जारी, समयसीमा तय

संबंधित भवन स्वामियों को बकाया जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में भुगतान न करने पर संपत्तियों को सील करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि शहर में बड़े पैमाने पर आवासीय भवनों में दुकान, ऑफिस और गोदाम चल रहे हैं, लेकिन टैक्स आवासीय श्रेणी के हिसाब से ही दिया जा रहा है।

पहले ही दिन दिखा सख्ती का असर

हाल ही में जोन-1 और जोन-2 में चलाए गए सीलिंग अभियान के दौरान कई व्यावसायिक संपत्तियों पर ताले जड़े गए थे। कार्रवाई के बीच ही बकायेदारों ने 5.52 लाख रुपये निगम कोष में जमा किए। अधिकारियों का कहना है कि सख्ती के बाद अन्य बकायेदार भी भुगतान के लिए आगे आ रहे हैं।

बड़े बकायेदारों में हड़कंप

नगर निगम की इस सख्ती से शहर के बड़े बकायेदारों में अफरा-तफरी मची है। निगम ने साफ संकेत दिया है कि राजस्व लक्ष्य पूरा करने तक अभियान जारी रहेगा। जो कर नहीं देगा, उसकी संपत्ति पर ताला लगेगा। शहर में अब साफ संदेश है कि आवासीय के नाम पर कारोबार कर टैक्स बचाने का खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

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