
सुपीरियर शराब फैक्ट्री डायरेक्टर अमित महर्षि और मैनेजर दिनेश मिश्रा
बरेली। रामपुर रोड स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज पर आयकर विभाग का शिकंजा चौथे दिन और कस गया। मालिक के बाद फैक्ट्री संचालन के प्रमुख चेहरे माने जा रहे एचआर मैनेजर दिनेश मिश्रा और डायरेक्टर अमित महर्षि अब जांच के केंद्र में हैं। सूत्र बताते हैं कि फैक्ट्री की स्थापना से अब तक प्रशासनिक और वित्तीय फैसलों में इनकी अहम भूमिका रही है, इसलिए आयकर टीम ने इन दोनों और इनके बैंकिंग नेटवर्क की बारीक छानबीन शुरू कर दी है।
टीम ने एचआर मैनेजर दिनेश मिश्रा को पूछताछ के लिए तलब किया। निर्धारित समय पर फैक्ट्री न पहुंचने पर सीबीगंज पुलिस के जरिए नोटिस भेजा गया। देर रात वह टीम के सामने पेश हुए, जिसके बाद उनसे लंबी पूछताछ हुई। सूत्रों का कहना है कि उनसे 2003 से अब तक के नियुक्तियों, भुगतान और आंतरिक वित्तीय मंजूरियों को लेकर सवाल किए गए।
आयकर विभाग ने प्रबंधन से वर्ष 2003 तक के विस्तृत वित्तीय और उत्पादन रिकॉर्ड मांगे हैं। लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन पूरे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है। जांच एजेंसियों को करोड़ों रुपये के संभावित हेरफेर की आशंका है। पुराने खातों, नकद लेनदेन और शेल कंपनियों से जुड़े लिंक की पड़ताल की जा रही है।
टीम पहले ही फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप कब्जे में ले चुकी है। अब फोकस डिजिटल डेटा और बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर है। दिनेश मिश्रा और अमित महर्षि से जुड़े बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। आयकर सूत्रों के अनुसार, “लेनदेन की परतें खोलने के लिए कई बैंकों से स्टेटमेंट मांगे गए हैं।”
सुपीरियर इंडस्ट्रीज के देशभर में फैले प्रतिष्ठानों और दिल्ली स्थित हेड ऑफिस को भी जांच के दायरे में लिया गया है। वहां के वित्तीय लेनदेन, इंटर-ऑफिस ट्रांसफर और ब्रांडिंग कंपनियों के खातों का डेटा जुटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच का दायरा सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं रहेगा।
पूछताछ के दौरान बढ़ती सख्ती के बीच फैक्ट्री गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। अधिकारियों की आवाजाही नियंत्रित है और बिना अनुमति कोई बाहर नहीं जा सकता। मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे दिल्ली से आई आयकर टीम ने छापा मारा था, तब से लगातार कार्रवाई जारी है।
छापेमारी का सीधा असर उत्पादन पर दिखा। अंग्रेजी शराब की दो लाइनों में से सिर्फ एक ही चालू रही, जबकि देशी शराब की सभी नौ लाइनें बंद रहीं। शुक्रवार रात उत्पादन पूर्णतः रोक दिया गया। कर्मचारियों में भी असमंजस की स्थिति है।
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Published on:
20 Feb 2026 11:14 pm
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