बरेली

यूपी का ये जिला बनेगा उत्तर भारत का टूरिज्म हॉटस्पॉट, यहां दीदियां चलाएंगी ड्रोन, समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

राज्य मंत्री (ग्राम्य विकास व ग्रामीण अभियंत्रण) विजय लक्ष्मी गौतम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास योजनाओं और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा — “जो पात्र है, उसे लाभ जरूर मिलना चाहिए। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।”

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Aug 01, 2025
अफसरों के साथ बैठक करतीं राज्यमंत्री (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बरेली। राज्य मंत्री (ग्राम्य विकास व ग्रामीण अभियंत्रण) विजय लक्ष्मी गौतम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास योजनाओं और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा — “जो पात्र है, उसे लाभ जरूर मिलना चाहिए। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।”

मंत्री ने कहा कि जिन गांवों में पंचायत भवन नहीं हैं, वहां काम तेजी से कराया जाए। ग्राम सरकड़ा जैसे गांव अब भी किराए के भवनों में पंचायत संचालन कर रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पूछा कि अब तक पंचायत भवन क्यों नहीं बना। इसके अलावा बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 277 अमृत सरोवर बन चुके हैं, 1188 सामुदायिक शौचालय तैयार हैं और व्यक्तिगत शौचालयों में 82,580 के लक्ष्य में से 82,574 की जियो टैगिंग पूरी हो चुकी है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ आंकड़े दिखाने से काम नहीं चलेगा, जमीनी सच्चाई भी देखनी होगी।

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स्वयं सहायता समूहों की बात आई तो मंत्री ने अफसरों को सीधा निर्देश दिया — “हर विभाग जरूरत का सामान दीदियों से खरीदे। चाय-नाश्ता से लेकर अचार-पापड़ और मसाले तक। बैठकों में बाहर से कुछ मंगाने की जरूरत नहीं, समूह की महिलाओं को ही बढ़ावा दें।उन्होंने सुझाव दिया कि इंटर पास दीदियों को ड्रोन उड़ाने जैसे आधुनिक प्रशिक्षण दिए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं को सिर्फ समूह में जोड़ना काफी नहीं है, उन्हें तकनीक से जोड़ें।

सफाई व्यवस्था पर मंत्री ने कहा, “कोई एक सफाईकर्मी पूरे गांव को साफ नहीं रख सकता। इसके लिए गांव वालों में जागरूकता जरूरी है। चौपाल लगाइए, लोगों को समझाइए कि गांव की सफाई सिर्फ सफाईकर्मी की जिम्मेदारी नहीं है। पर्यटन को लेकर उन्होंने बड़ा विजन सामने रखा। कहा कि बरेली को ऐसे विकसित किया जाए कि लोग उत्तराखंड की बजाय यहीं घूमने आएं। “नाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट से बरेली को धार्मिक और सांस्कृतिक टूरिज्म का केंद्र बनाया जा सकता है।

महिला सुरक्षा पर भी मंत्री ने दो टूक कहा बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर गांव, हर इलाके में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, प्रभागीय वन अधिकारी दीक्षा भंडारी, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, डीआरडीए के निदेशक चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा हसीब अंसारी, डीसी एनआरएलएम, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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