
गाजियाबाद बॉर्डर पर इकरा हसन को रोका | Image Source - 'X' @IANS
SP Leaders Iqra Hasan Bareilly Visit News: बरेली में 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' मामले को लेकर हुए बवाल के आठ दिन बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने बरेली जाने वाला था। लेकिन यूपी पुलिस ने इसे रोक दिया। दिल्ली से बरेली जा रहे सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन और मोहिबुल्लाह नदवी को गाजियाबाद बॉर्डर पर रोक लिया गया। इस फैसले के बाद विपक्ष ने सत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गाजियाबाद बॉर्डर पर रोके जाने के बाद इकरा हसन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कल कोई 'आई लव महादेव' या 'आई लव श्रीराम' लिखेगा तो किसी को आपत्ति नहीं होगी, तो 'आई लव मोहम्मद' में क्या गलत है। उनका कहना है कि यह सत्ता का दुरुपयोग और संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है।
सपा प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों से मिलकर उनकी पीड़ा को समझना और जनता की आवाज उठाना था। लेकिन प्रशासन की ओर से इसे रोक दिया गया। बरेली में आज भी इंटरनेट सेवा बंद है और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है।
संभल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को उनके घर दीपा सराय मोहल्ले में देर रात 2 बजे से पुलिस ने नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि वह बरेली जाने वाले थे। उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने बरेली में सपा नेताओं के प्रवेश पर ‘नो एंट्री’ का निर्णय लिया है।
26 सितंबर को हुई हिंसा में अब तक 81 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं और 2500 उपद्रवियों में से 200 को नामजद किया गया है। पुलिस का दावा है कि बरेली में इस बवाल की साजिश रची गई थी और मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा हैं।
Updated on:
04 Oct 2025 11:49 am
Published on:
04 Oct 2025 11:49 am
