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पुलिस हिरासत में आरोपी का गड़बड़ाया स्वास्थ्य, जोधपुर में मौत

जमीन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपी की पुलिस हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जैसलमेर कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से कीमती जमीन की रजिस्ट्री कराने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किए गए आरोपी ने बुधवार तड़के दम तोड़ दिया।
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jaisalmer

नरेश कुमार

जैसलमेर. जैसलमेर शहर कोतवाली में जमीन संबंधी धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी की मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। कोतवाली पुलिस ने उसे फर्जीवाड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करवाने के मामले में गिरफ्तार किया था। गत मंगलवार को कोतवाली थाने में हिरासत में रखे जाने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और जिला अस्पताल में प्रारम्भिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर किया गया। जहां उसकी बुधवार तडक़े मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपी नरेश कुमार, निवासी कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश के खिलाफ इस वर्ष 7 जुलाई को मामला दर्ज करवाया गया था। परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर पोंग बांध विस्थापित को आवंटित की गई कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने गत 12 अक्टूबर को नरेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 13 तारीख को उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

हिरासत में तेज दर्द की शिकायत

पुलिस कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई ने बताया कि गत मंगलवार रात करीब 8.15 बजे हिरासत में दो अन्य जनों के साथ बातचीत करने के दौरान नरेश कुमार ने सीने और पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। जिस पर पुलिसकर्मी उसे राजकीय जवाहिर चिकित्सालय ले गए। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक जांच के बाद उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। विश्नोई ने बताया कि जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में उपचार के दौरान बुधवार अलसुबह करीब 5.45 बजे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवारजनों को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। वे संभवत: देर रात तक जोधपुर पहुंच जाएंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


जानलेवा हमले के आरोपी दोषी करार, सुनाई आजीवन कठोर कारावास की सजा

पोकरण. न्यायालय ने 7 वर्ष पुराने जानलेवा हमले के आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गत 20 जुलाई 2019 को भैंसड़ा निवासी अचलाराम पुत्र भीमाराम प्रजापत ने सांकड़ा थाने में रिपोर्ट दी थी कि 20 जुलाई को शाम 5 बजे इन्द्राराम ने उसे फोन कर पुरानी लेनदेन के लिए घर बुलाया। वह गाड़ी लेकर इन्द्राराम के घर गया तो यहां बैठे भैंसड़ा निवासी इन्द्राराम पुत्र शिवराम, रामाराम पुत्र शिवराम व अन्य साथियों ने एकराय होकर हाथों में सरिया, कुल्हाड़ी लेकर उस पर हमला कर दिया। जिससे उसके सिर में चोट लगी और खून बहने लगा। वह नीचे गिर गया। गिरने पर आरोपियों ने जानलेवा हमला करते हुए सरियों वे कुल्हाडिय़ों से वार किया। जिससे उसका पैर व हाथ टूट गया और हथेली कट गई। आवाज सुनकर राह चलते लोगों ने बीच बचाव किया और उसे छुड़ाकर सांकड़ा लेकर आए। पुलिस ने मामला दर्ज किया और इन्द्राराम व रामाराम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। राज्य पक्ष की ओर से 18 गवाह व 19 दस्तावेज पेश किए गए। बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.महेन्द्रकुमार गोयल ने इन्द्राराम व रामाराम को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा और प्रत्येक को एक लाख 51 हजार 500 रुपए के जुर्माने से दंडित किया। राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदरसिंह नरावत ने पैरवी की।