
देश सेवा का जज्बा एेसा कि प्रशासनिक अधिकारी होते हुए भी करेंगे सेना में नौकरी
बाड़मेर. देश सेवा का जज्बा एेसा है कि राजस्थान में प्रशासन के अहम पद पर होने के बाद भी सेना की कठिन राह का चुना। लाखों परीक्षार्थियों के साथ परीक्षा दी और मात्र बारह जनों में अपना चयन करवाया। यह जज्बा है सीमावर्ती बाड़मेर जिले के गिराब गांव के महेन्द्रप्रतापङ्क्षसह भाटी का। उनकी देश सेवा की ललक ने करीब बारह साल तक प्रशासनिक अधिकारी की सेवा के बाद भी सेना में जाने को प्रेरित किया और अब वे प्रादेशिक सेना में बतौर लेफ्टिनेंट कार्य करेंगे।
बाड़मेर जिले गिराब निवासी और वरिष्ठ आरएएस अधिकारी महेन्द्रप्रतापसिंह भाटी शीघ्र ही सेना की वर्दी में नजर आएंगे। भाटी शायद प्रदेश के पहले प्रशासनिक अधिकारी है जो राज्य प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सेना से जुड़ेंगे। उनका चयन प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। खास बात यह है कि पूरे देश में मात्र १२ जनों का चयन हुआ है, जिसमें भाटी भी एक है।
गौरतलब है कि प्रादेशिक सेना में क्रिकेटर कपिल देव, महेन्द्रसिंह धोनी, कांग्रेस के नेता सचिन पायलट जैसे लोग भी सेवाएं दे रहे हैं। महेन्द्रप्रतापङ्क्षसह भाटी बाड़मेर जिले के बॉर्डर के गांव गिराब के निवासी है, उनके पिता भोमसिंह किसान है। महेन्द्रप्रतापङ्क्षसह का २०११ में आरएएस में आठवीं रैंक पर चयन हुआ था। वे वर्तमान में चाइल्ड राइट प्रोटेक्श कमीशन राजस्थान में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर है।
भाटी का इससे पहले बीएसएफ में सहायक कमाडेंट, राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर, केन्द्र में आइबी में चयन हो चुका है। आइआइएम बंगलूरू से इंटरनेशनल मोनेटरी फंड में डिप्लोमा कोर्स किया है। वहीं, वे आरएएस एसोसिएशन के सचिव भी है। प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन के लिए परीक्षा का आयोजन हुआ था, जिसमें डेढ़ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें से ८५० का चयन साक्षात्कार में हुआ।
साक्षात्कार के बाद मात्र बारह जनों का चयन प्रादेशिक सेना में सेवा के लिए हुआ, जिसमें बाड़मेर के भाटी भी शामिल हैं। अब आइएमए देहरादून में प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके बाद नवम्बर-दिसम्बर में देवलाली महाराष्ट्र में फिनिशिंग कोर्स होगा।
Published on:
27 Sept 2020 07:53 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
