
छीन दी अंग्रेजी शिक्षा, महात्मागांधी स्कू ल हो गए दूर
बाड़मेर. शिक्षा विभाग में ब्लॉक और ग्राम पंचायतों की तादाद कम होने का दंश ग्रामीण विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने हर ब्लॉक मुख्यालय पर महात्मागांधी स्कू ल खोले हैं, लेकिन प्रदेश में ४८ ब्लॉक पर ये विद्यालय नहीं है, क्योंकि शिक्षा विभाग ने इनको अभी तक ब्लॉक मुख्यालय नहीं बनाया है। बाड़मेर जिले में चार ब्लॉक इसके कारण अंग्रेजी शिक्षा से वंचित है।
इसका असर यह है कि जो बच्चे अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करना चाह रहे हैं, वे दूसरे ब्लॉक में आवेदन कर रहे हैं। प्रदेश में दो साल पहले ही पंचायतराज चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों व पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया। इसके बाद प्रदेश में २९५ की जगह ३४३ पंचायत समितियां हो गई जबकि ग्राम पंचायतों की तादाद ९८८८ से बढ़कर १११५२ हो गई। बावजूद इसके शिक्षा विभाग में अभी भी पुरानी ग्राम पंचायतें व पंचायत समितियों के आधार पर ही शिक्षण व्यवस्था चल रही है। इसके चलते ४८ ब्लॉक मुख्यालय पर सीबीईओ कार्यालय नहीं है तो १२६४ ग्राम पंचायतों में पीईईओ नहीं है।
इसका सबसे ज्यादा असर महात्मागांधी इंग्लिश मीडियम स्कू ल को लेकर ग्रामीण विद्यार्थियों को सहना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने प्रथम चरण में ३३ जिला मुख्यालयों व इसके बाद सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर महात्मागांधी स्कू ल खोले लेकिन शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अभी तक उक्त नवीन ब्लॉक मुख्यालय नहीं होने से ये वंचित रह गए। अंग्रेजी सीखने के लिए लम्बा सफर- ब्लॉक मुख्यालय पर अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कू ल नहीं होने पर आर्थिक दृष्टि से पिछड़े परिवार के बच्चों को अंग्रेजी सीखने के लिए दूसरे ब्लॉक में जाना पड़ रहा है। इसके लिए उनको लम्बी दूरी के साथ दो ब्लॉक के विद्यार्थियों के बीच अपनी प्रतिभा दिखानी पड़ रही है।
मॉडल व इंग्लिश मीडियम स्कू ल की यह स्थिति- जिले में सिवाना, चौहटन, गडरारोड व बालोतरा ब्लॉक मुख्यालय पर स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कू ल चल रहे हैं जबकि शेष ब्लॉक में महात्मागांधी इंग्लिश मीडियम स्कू ल है। चार नवीन ब्लॉक मुख्यालय पर उक्त विद्यालय नहीं होने से विद्यार्थी अन्यत्र जाकर पढऩे को मजबूर है।
ब्लॉक मुख्यालय पर खुले इंग्लिश मीडियम स्कू ल- हर ब्लॉक मुख्यालय पर सरकार ने इंग्लिश मीडियम स्कू ल खोली है लेकिन चार ब्लॉक शिक्षा विभागीय बेपरवाही के चलते वंचित है। जल्द ही उच्च स्तर पर सीबीईओ कार्यालय के साथ इंग्लिश मीडियम स्कू ल की घोषणा होनी चाहिए। अंग्रेजी शिक्षा वर्तमान समय की महत्ती आवश्यकता है।- भंवरसिंह करणोत आराबा, शिक्षक नेता
विद्यार्थियों का भविष्य चौपट- विद्यार्थियों का भविष्य विभागीय बेपरवाही के चलते चौपट हो रहा है। समय पर अंग्रेजी माध्यम स्कू ल खुलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं भी अंग्रेजी सीख आगे बढ़ पाएगी। सरकार जल्द ही फैसला ले।- घमंडाराम कड़वासरा, शिक्षक नेता
Published on:
29 Jun 2021 01:32 am
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