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Barmer: 200 ट्रैक्टर लेकर बाड़मेर कलक्ट्रेट का घेराव करने निकले किसान, कलक्टर-एसपी को बुलाने की मांग

बाड़मेर के गुड़ामालानी क्षेत्र के किसान फसल मुआवजा और बिजली समस्याओं पर समाधान नहीं मिलने से सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ कलक्ट्रेट घेरने की तैयारी में हैं।

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ट्रैक्टर लेकर निकलते किसान। फोटो- पत्रिका

बाड़मेर। तीन साल से फसल अनुदान नहीं मिलने पर मंगलवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। गुड़ामालानी क्षेत्र से करीब 200 ट्रैक्टरों का काफिला बाड़मेर जिला कलक्ट्रेट के घेराव के लिए रवाना हुआ। इससे पहले अहिंसा सर्कल, गुड़ामालानी में हजारों किसान जुटे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।

किसान पीछे हटने को तैयार नहीं

रैली जैसे ही ट्रैक्टरों के लंबे काफिले में बदली, पुलिस-प्रशासन ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। समझाइश नाकाम रही और काफिला धोरीमन्ना के लोहारवा तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे।

भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान लंबे समय से रबी-खरीफ फसल अनुदान, बिजली-पानी की समस्याओं और अन्य कई मांगों को लेकर आंदोलित हैं। 5 दिसंबर को एसडीएम गुड़ामालानी को मांग पत्र सौंपने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर किसानों का आक्रोश बढ़ गया। संघ के प्रहलादराम ने बताया कि इसके बाद किसानों ने निर्णय लिया कि अब सीधे जिला कलक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

दो बार रोके जाने पर भी किसान नहीं माने

रैली की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन हाई-अलर्ट पर आ गया। रास्ते में दो बार किसानों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। जैसे ही काफिला लोहारवा पहुंचा, एडीएम राजेंद्रसिंह चांदावत, एएसपी नितेश आर्य, एसडीएम केशव मीना, डीएसपी सुखाराम विश्नोई सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। यहां किसानों और प्रशासन के बीच लंबी वार्ता शुरू हुई। कलक्ट्रेट घेराव की आशंका को देखते हुए जिला मुख्यालय पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।

प्रशासन पर सवाल उठाए

रैली में शामिल जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर सवाल उठाए। रालोपा नेता थानसिंह डोली ने कहा कि पहले कलक्टर को बुलाया जाए, नहीं तो एसपी को बुलाया जाए। गुड़ामालानी प्रधान बिजलाराम ने कहा कि उन्होंने जितनी परेशानियां झेली हैं उसका हिसाब लेकर ही लौटेंगे। जो हक में होगा, वही फैसला स्वीकार किया जाएगा। रैली में रालोपा ब्लॉक अध्यक्ष ताजाराम सियाग, प्रहलादराम सियोल, नाथाराम सारण, हरदाराम कलबी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

लिखित आश्वासन पर अड़े किसान

कलक्ट्रेट घेराव की सूचना से प्रशासन में हलचल मच गई। बीच रास्ते में समझाइश के बाद धोरीमन्ना में वार्ता शुरू हुई। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि अब केवल लिखित आश्वासन ही मान्य होगा।

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