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कलक्टर मासूमों का दर्द समझें तो मिल सकती है राहत

- पैंतालीस डिग्री के आसपास तापमान में दोपहर एक बजे स्कूलों की छुट्टी, बच्चे गर्मी से परेशान

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कलक्टर मासूमों का दर्द समझें तो मिल सकती है राहत

कलक्टर मासूमों का दर्द समझें तो मिल सकती है राहत



बाड़मेर. भयंकर गर्मी में 45 डिग्री तापमान और तेज लू के थपेड़ों के बीच विद्यालय से घर लौटते मासूमों का मन तो यही कहता है कि काश 1 घण्टा पहले छुट्टी हो जाती तो ठीक रहता। लेकिन विभाग का नियम जो ठहरा 1 बजे छुट्टी करने का। अब तो इन मासूमो की कौन सुने यदि जिले के कलक्टर इन मासूमों का दर्द समझे तो विद्यालय समय मे 1-2 घण्टा परिवर्तन कर सकते हैं। उसमें भी विशेषकर पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए ज्यादा परेशानी है।
लगातार बढ़ रही गर्मी और बाड़मेर सबसे गर्म जिला
पिछले 7- 8 दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। और विशेषकर बाड़मेर प्रदेश का सर्वाधिक तापमान वाला गर्म जिला बन रहा है। विद्यालयों का समय प्रातः 7.30 से 1 बजे तक का है। लेकिन 1 बजे स्कूल से छुट्टी होते ही भयंकर गर्मी पड़ती है। और जमीन आग उगलने लगती है जिस पर छोटे छोटे मासूम बच्चे इस भयंकर गर्मी में अपने घर जाते जाते परेशान हो जाते हैं।
आने वाले दिनों में हीटवेव की चेतावनी
तापमान में दिनोंदिन बढ़ोतरी के साथ आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा हीट वेव की संभावना बताने के साथ ही ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया जा चुका है। ऐसे में विद्यालय समय बच्चों के लिए परेशानी बना हुआ है।
12 बजे के बाद पड़ती है भयंकर गर्मी
दरअसल 12 बजे के बाद गर्मी बढ़नी शुरू होती है इसलिए यदि 12 बजे से पहले विद्यालय की छुट्टी हो जाती है तो 1 बजे से पहले विद्यार्थी घर पहुंच जाते है। और इस भयंकर गर्मी से बच जाते है।
विद्यालय छुट्टी का समय हो परिवर्तित
"विद्यालय छुट्टी का समय 1 बजे है। उस समय भयंकर गर्मी पड़ती है। ऐसे में जिला कलेक्टर द्वारा विद्यालय में छुट्टी का समय मे 1 या 2 घण्टे पहले कर देना चाहिए। ताकि मासूमों को कुछ राहत मिल सके। विशेषकर छोटी कक्षाओं में छुट्टी का समय तो हर हाल में परिवर्तित होना चाहिए। - बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा*

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