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बाड़मेर. बाड़मेर नगर परिषद (City Council) की कार्यप्रणाली पर 'अंधेर नगरी चौपट राजा' वाली कहावत पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। यहां जिम्मेदार अधिकारी सेस कर के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं जबकि यह कर नगर परिषद वसूल कर ही नहीं सकती। इस पर डीएलबी ने दो साल पहले आदेश जारी कर रोक लगा दी थी। साथ ही भवन निर्माणकर्ता को ही लागत का एक फीसदी श्रम कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश जारी किए थे।
स्वायत्त शासन विभाग ने 17 जुलाई 2017 में एक आदेश जारी कर स्पष्ट किया था कि भवन निर्माण स्वीकृति जारी करने के पूर्व भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियम) अधिनियम, 1996 तथा केन्द्रीय नियम 1998 के अंतर्गत अनुमानित निर्माण लागत के 1 प्रतिशत की दर से उपकर जमा करवाने के लिए निर्माणकर्ता को निर्देश दिए जाते हैं। राज्य सरकार के निर्णय अनुसार नगर निकायों द्वारा भवन मानचित्र अनुमोदन के समय जो लेबर सेस लिया जा रहा है वह 'लेबर सेस लेबर श्रम विभाग में विकासकर्ता स्वयं के स्तर पर जमा करवाए। भवन के पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करते समय लेबर सेस भुगतान जमा करवाने से संबंधित प्रमाण नगरीय निकाय में प्रस्तुत करें।
सैकड़ों मकान बने, करोड़ों वसूला सेस
नगर परिषद क्षेत्र में पिछले दो साल में सैकड़ों नए मकानों का निर्माण हुआ। स्वायत्त शासन विभाग के आदेश के बावजूद अधिकारी श्रम विभाग में जमा होने वाला सेस कर वसूलकर नगर परिषद का खजाना भरते रहे। सूत्रों ने बताया कि करोड़ों रुपए नगर परिषद की ओर से सेस के नाम वसूला गया है। इसके बावजूद श्रम विभाग में एक पैसा भी जमा नहीं करवाया गया।
- आयुक्त का गोलमाल जबाव
दो दिन पहले हुई प्रशासनिक बैठक में सेसकर वसूलने के निर्देश मिले हैं। डीएलबी का आदेश मेरी जानकारी में नहीं है। गत माह हमने करीब 16 लाख रुपए श्रम कार्यालय में जमा करवाए हैं।- पवन मीणा, आयुक्त, नगर परिषद
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आयुक्त के जबाव का सच?
आयुक्त मीणा ने कहा कि हमने गत माह 16 लाख रुपए सेस कर के जमा करवाए है। जबकि ये 16 लाख रुपए ठेकेदारों से कटौती कर वसूले गए थे। सेसकर के नाम पर वसूल होने वाले रुपए जमा नहीं हुए हैं। इसके लिए अब श्रम विभाग नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
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हमने नोटिस जारी किए हैं
नगर परिषद तीन साल से सेस कर वसूल रही है, लेकिन श्रम विभाग के खाते में जमा नहीं करवाया। कई बार पत्र लिख चुके हैं। जब हमने निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए तो वे सेस कर नगर परिषद में जमा करवाने की रसीद दिखाते हैं। यह राशि करोड़ों में बकाया है।- मूलाराम, निरीक्षक श्रम विभाग, बालोतरा
Published on:
27 Jul 2019 11:27 am
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