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बायतु (बाड़मेर): बाड़मेर जिले के बायतु क्षेत्र की भोजासर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर 765 केवी की डबल ट्रांसमिशन लाइन को लेकर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को ट्रैक्टरों के साथ बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। जैसे ही किसान बायतु से आगे बढ़े, प्रशासन सक्रिय हुआ और निंबोणियों की ढाणी टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर क्रेन से सड़क बंद कर दी गई।
टोल प्लाजा पर आगे बढ़ रहे किसानों और महिलाओं को रोकने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस ने महिला बल और लाठियों का सहारा लिया। इस दौरान महिला किसानों ने लाठियां हाथों से पकड़ ली। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक के साथ धक्का-मुक्की हुई।
हालात बिगड़ते देख आक्रोशित किसान नेशनल हाइवे-65 पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और आरएसी जवान तैनात रहे। धरने के दौरान बाड़मेर एसडीएम यथार्थ शेखर, डीएसपी रमेश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी किसानों को समझाने पहुंचे, लेकिन किसान जिला कलक्टर से सीधी वार्ता की मांग पर अड़े रहे।
बायतु क्षेत्र में 765 केवी की डबल ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। यह लाइन किसानों के खेतों के ऊपर से गुजर रही है। मुआवजे की मांग को लेकर किसान एकजुट हुए और बायतु से बाड़मेर कलक्ट्रेट की ओर कूच कर रहे थे। किसानों का कहना था कि खेतों के ऊपर से ट्रांसमिशन लाइन निकाली जा रही है, लेकिन कंपनी की ओर से मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
सड़क पर बैठे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि प्रोजेक्ट के प्रतिनिधि और प्रशासन वार्ता के लिए नहीं आए तो बाड़मेर कूच किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन की ओर से सक्षम स्तर के अधिकारी और परियोजना प्रतिनिधि से सकारात्मक वार्ता का आश्वासन दिया गया। इस पर किसानों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए तैयार हुआ और टोल प्लाजा पर ही बातचीत शुरू हुई।
देर रात तक चली वार्ता के बाद सहमति बनी और धरना समाप्त किया गया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक मुआवजे सहित सभी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक परियोजना कंपनी बायतु क्षेत्र के किसी भी गांव में कार्य नहीं करेगी। मांगों के समाधान तक परियोजना कार्य स्थगित रहेगा और शीघ्र ही किसानों की सक्षम स्तर के अधिकारियों से वार्ता करवाई जाएगी।
वार्ता में किसानों के प्रतिनिधिमंडल में बायतु प्रधान सिमरथाराम बेनीवाल, बायतु भीमजी सरपंच किशनाराम मेघवाल, बोड़वा सरपंच चैनाराम गोदारा, आरएलपी नेता जालाराम पालीवाल, भाजपा नेता जोगाराम भोजासर, एडवोकेट कुंभसिंह सऊ, ओमप्रकाश मूंढ़ और भुराराम सऊ शामिल रहे।
वहीं, प्रशासन की ओर से एसडीएम यथार्थ शेखर, यूआईटी सचिव श्रवण सिंह राजावत, बायतु तहसीलदार मोनालिसा देथा, एडिशनल एसपी प्रभुलाल धनिया, डीएसपी रमेश शर्मा सहित प्रोजेक्ट स्टॉफ मौजूद रहा।
मामले को लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि किसानों को पुलिस के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि बायतु क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में 765 केवी की डबल सरकारी ट्रांसमिशन लाइन का कार्य किसानों को बिना मुआवजा दिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इस मामले में संज्ञान लेकर किसानों को उचित मुआवजा दिलवाना चाहिए।
Updated on:
10 Feb 2026 09:02 am
Published on:
09 Feb 2026 09:54 pm
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