30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चीन में 4 घंटे 13 मिनट में 50 किमी दौड़ा जितेन्द्र

- कांकरला का हवलदार जितेन्द्रङ्क्षसह है तीनों सेनाओं में 50 किमी रेस का लगातार गोल्ड मेडिलिस्ट - पिता के न क्शे कदम,पिता भी रहे है धावक, अमेरिका और ची

less than 1 minute read
Google source verification
चीन में 4 घंटे 13 मिनट में 50 किमी दौड़ा जितेन्द्र

चीन में 4 घंटे 13 मिनट में 50 किमी दौड़ा जितेन्द्र


बालोतरा पत्रिका.

थार के धोरों के गांव कांकरला में दौडऩे वाला जितेन्द्रसिंह 5 मई को चीन के ताइचांग शहर में 50 किलोमीटर रेस में दौड़ा तो विश्व में 29 वें नंबर पर था। जितेन्द्र ओलंपिक 2020 का लक्ष्य लिए हुए है। थार के धोरों से सेना में थार की एक ओर प्रतिभा धावक के तौर पर आगे बढ़ रही है।
समदड़ी के पास कांकरला गांव के जितेन्द्रसिंह राठौड़ ने वर्ष 2008 में सेना ज्वाइन किया। अभी मेरठ में हवलदार है। धावक जितेन्द्रसिंह की मेहनत का नतीजा है कि पिछले तीन साल से तीनों सेनाओं में 50 किमी रेस वे लगातार गोल्ड मेडलिस्ट है। इसी कारण आईएएएफ की रेस में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे है। वर्ष 2016 में हिस्सा लिया था और इस साल 5 मई को हुई प्रतियागिता में उन्होंने यह रेस 4 घंटे 13 सैकण्ड में पार कर 29 वां स्थान प्राप्त किया है। जितेन्द्र ने पत्रिका को बताया कि उनका लक्ष्य ओलंपिक 2020 है। इसके लिए पूरा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।

पिता के नक्शे -ए -कदम- जितेन्द्र के पिता रेवंतसिंह भी सेना में केप्टन थे। वे सेना के अच्छे धावक रहे है और अमेरिका और चीन में उन्होंने भी देश का प्रतिनिधित्व किया। छोटा भाई भी सेना में ही सिपाही के तौर पर भर्ती हुआ है। जितेन्द्र कहते है कि रेस का प्रशिक्षण परिवार से ही उनको मिलता रहा है।
रेगिस्तान देता है संबल- सेना का प्रशिक्षण सबसे ज्यादा मायने रखता है। इसके अलावा रेगिस्तान की पृष्ठभूमि है। यहां युवा मजबूत है। प्रशिक्षण मिले तो काफी आगे बढ़ सकते है। युवाओं को शिक्षा के साथ खेल पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए।- हवलदार जितेन्द्रसिंह

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग