
मेवाराम जैन
बाड़मेर. राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष व बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने आज सदन में गोवंश में फैली लम्पी स्कीन डिजीज पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए सरकार की अेर से उपचार को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से इस बीमारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग रखी। जैन ने कहा कि हमारे प्रतिपक्ष के साथी गोमाता के नाम पर राजनीति जरूर करते हैं लेकिन जब गोसेवा के लिए कलम चलाने की बात आती है तो भाजपा के लोगों से गोवंश के हितार्थ कलम नही चलती है । उन्होंने कहा कि मैं धन्यवाद देना चाहता हूं प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिन्होंने जब जब प्रदेश की जनता ने मौका दिया ,गोमाता के लिए निर्णय करने में कोई कसर नही छोड़ी ।
जैन ने ही केंद्र की ओर से लंपी रोकथाम को लेकर उचित एवं प्रभावी मेडिसिन उपलब्ध कराने, जिन पशुपालकों के इस बीमारी से गोवंश की मौत हो गई उसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर बजट जारी करने की बात कही जिससे कि गोपालकों को सम्बल मिल सके। इसके साथ साथ सभी सांसदगणों को भी अपने सांसद नियतांश से भी इन बीमारी के रोकथाम के लिए राशि स्वीकृत करनी चाहिए।
अशोक गहलोत ने हर वक्त गोवंश के लिया किया कार्य- जैन ने कहा कि वर्ष 2001-02 के भंयकर अकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पशु राहत शिविर चलाकर हजारों गोवंश को बचाया था। उसके बाद पूरे देश में पहली बार अशोक गहलोत ने वर्ष 2013 में गोवंश के लिए अनुदान की शुरुआत कर देश में नई शुरुआत की । उसके बाद 5 वर्ष तक बीजेपी सरकार रही, गोशाला संचालकों सहित तमाम गोपालको ने गोवंश के लिए अनुदान बढाने की मांग करते रहे लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार की कलम गोमाता के हित के लिए नहीं चलीं।
पुनः 2018 में कांग्रेस की सरकार आने पर अनुदान बढ़ाकर 6 महीने का किया और उसके बाद कोविड के बाद गोपालकों के लिए ,गोशाला संचालकों के लिए गोशाला संचालन करना मुश्किल हो गया था ,राजस्थान गोसेवा समिति के तत्वावधान में वोशाला संचालकों,गोभक्तों एवम संत महात्माओं ने राजस्थान सरकार के सामने मांग रखी ,हमने साधु संतों से वार्ता की और गहलोत ने संत महात्माओं की मांग पर बिना कोई प्रश्न किए गोवंश को 6 महीने की जगह 3 महीने बढाकर 9 महीने अनुदान करने का ऐतिहासिक निर्णय किया।ऐसा पूरे देश में कही नही है इसके साथ साथ जिला मुख्यालय पर नंदी गोशाला ,पंचायत समिति स्तर पर तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सरकारी राशि देकर नंदी गौशाला खोलने ,पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कई गौहितार्थ निर्णय राजस्थान के मुख्यमंत्री ने किए है।
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हमने बिना राजनैतिक भेदभाव के बाड़मेर जिला मुख्यालय पर बहुत बड़ी नंदी गौशाला जिसमें 2000 के करीबन नंदी जो शहर में निराश्रित घूम रहे थे उनका पालन किया जा रहा है । हमने पहले भी कहा था कि बीजेपी के लोगों की तरह गौवंश हमारे लिए राजनीति करने का विषय नही है हम गौमाता को श्रद्धा से देखते है जो हमें माँ की तरह दूध देकर पालती है ।सरकार लम्पी डिजेज जो राजस्थान सहित दर्जन भर राज्यों में फैली हुई है उसके रोकथाम हेतु सतत प्रयासशील है अपने सीमित संसाधनों से हर सम्भव प्रयास कर रही है पुनः भारत सरकार से मांग करते हैंं कि इसको राष्ट्रीय आपदा घोषित करें ।।
Published on:
20 Sept 2022 08:29 pm

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