
ईवीएम एवं वीवीपेट का प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित
बालोतरा.
नगर के जिला एवं सत्र न्यायालय के क्रांफ्रेस हॉल में मंगलवार को जिला एवं सेशन न्यायधीश देवेन्द्र कच्छवाह के मुख्य आतिथ्य में ईवीएम एवं वीवीपेट का प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित हुआ।
स्वीप टीम ने वीवीपेट मशीन के उपयोग व कार्य करने की जानकारी दी। न्यायधीश ने बताया कि चुनाव आयोग कि इस प्रणाली से जनता में मतदान की पारदर्शिता बनी रहेगी। अधिकाधिक लोगों को मशीन प्रयोग के बारे में जानकारी दें। इससे की लोक भाग लेकर मतदान करें। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने कहा कि वीवीपेट मशीन बहुउपयोगी मशीन है। इसका प्रयोग बहुत ही सरल है। इससे मतदान करने पर निष्पक्षता बनी रहती है। वीवीवेट में जब कोई मत डाला जाता है, तब अभ्यर्थी का क्रम संख्या, नाम, प्रतीक वाली एक पर्ची प्र्रिंट होती है। जो सात सैकण्ड तक पारदर्शी खिड़की से सामने दिखती है। आयोजन में कंट्रोल यूनिट, बैलेट व वीवीपेट मशीन तीनों एक साथ प्रदर्शित की गई। उपस्थित जनों ने चुनाव आयोग की नवीन पहल की सराहना की। इस मौके पर बालोतरा सीजेएम, एसीजेएम, उपखंड अधिकारी, पूर्णकालिक सचिव, उप अधीक्षक पुलिस, तहसीलदार, बार एसोसिएशन के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता आदि मौजूद थे।
जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 28 सितम्बर को
बालोतरा.
राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन 28 सितम्बर को सिवाना के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित होगा। शिक्षक सम्मेलन संयोजक हिम्मतसिंह चारण ने बताया कि इसमें शिक्षक संगठनों, विभिन्न संवर्ग कर्मचारी संगठनों, श्रमिक व ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी, सदस्य व कर्मचारी भाग लेंगे। आयोजन को लेकर बुधवार को वरिष्ठ शिक्षक नेता हनुमान प्रसाद दवे, ईश्वरसिंह चौहान, मनसुखलाल वैद्य, पुखराज ओझा, भीमसिंह सांदू आदि ने सिवाना व क्षेत्र के गांवों में संगठन पदाधिकारियों, सदस्यों को आयोजन की जानकारी देकर उन्हें इसमें अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
ऑन लाइन शिक्षा नए मॉडल के रूप में हो रही विकसित
कन्या महाविद्यालय में व्याख्यान कार्यक्रम
बालोतरा.
नगर के डी.आर.जे. राजकीय कन्या महाविद्यालय में युवा विकास केन्द्र के तत्वावधान में ऑनलाइन शिक्षा विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित हुआ। युवा विकास केन्द्र समन्वयक डॉ. गुलाबदास वैष्णव ने कहा कि आज सारी दुनिया में शैक्षिक जगत एक बड़े बदलाव की दिशा में बढ़ रहा है। देश के शैक्षिक संस्थानों में अव्यावहारिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षकों की कमी, और निजी शिक्षण संस्थानों की भारी फीस के कारण शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा एक ऐसे शैक्षिक मॉडल के रूप में विकसित हो रही है, जिसने संपूर्ण विश्व को शिक्षा के इस मॉडल पर विचार करने पर मजबूर कर दिया है। कम्प्यूटर प्रोग्रामर चैनाराम राजपुरोहित ने कहा कि आज हम एक प्रतियोगी दुनिया में जीते हैं और प्रतिदिन नई चीजों को सीखना और समझना पड़ता है। पारम्परिक शिक्षा के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने ई-बुक, सीडी, ऑनलाइन शिक्षा से संबंधित प्रचलित वेबसाइड की जानकारी दी।
Published on:
28 Sept 2018 12:06 am
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