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वर्षों की समस्या, एक शाम में ही हो गई हल, कैसे पढि़ए पूरा समाचार

मेली में कलक्टर ने सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

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मेली ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार रात्रि चौपाल जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में हुई।

मेली ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार रात्रि चौपाल जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में हुई।

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सिवाना.
मेली ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुक्रवार रात्रि चौपाल जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में हुई। ग्रामीणों के गांव के राउमावि में कमरों की कमी की समस्या अवगत करवाने पर जिला कलक्टर ने स्वयं विवेक कोष से एक कमरा व गुरु गोलवलकर योजना सहित अन्य योजनाओं से चार कमरों व कम्प्यूटर लेब के निर्माण की घोषणा की। मेली- आसोतरा- बालोतरा सड़क मार्ग का डामरीकरण, मेली- देवन्दी, मेली -कुसीप ग्रेवल मार्गों का डामरीकरण की मांग भी ग्रामीणों ने रखी। मीठा पानी उपलब्ध करवाने की मांग पर कलक्टर ने जलदाय विभाग अधिकारी को एक माह के अंदर आर ओ प्लांट लगाने के निर्देश दिए। भाकरड़ा बेल्ट किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष वीरसिंह सेला ने डिस्कॉम के कृषि कनेक्शनों पर दस से तीस हजार तक की राशि अलग से जोडऩे की समस्या से अवगत करवाया। कलेक्टर ने डिस्कॉम अधिशासी अभियंता सोनाराम पटेल समस्या निराकरण के निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर जिला कलक्टर को अवगत करवाया। इस पर उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। विधायक हमीरसिंह भायल ने ने कहा कि जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठावें। सरकार विकास के लिए कृत संकल्प है। प्रधान परविंद्र देवड़ा ने 27 बालिकाओं को साइकिलें वितरित की। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी अंजुम ताहिर शम्मा, तहसीलदार कालूराम कुम्हार मौजूद थे। इसके बाद जिला कलक्टर ने उपखण्ड कार्यालय सिवाना का वार्षिक निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। निप्र

क्या है रात्रि चौपाल- प्रदेश में सरकारी अधिकारियों को जनता की चौखट पहुंच उनकी समस्याओं का समाधान करने को लेकर रात्रि चौपाल का आयोजन होता है। इसमें अधिकारी उस गांव में बैठक लेकर समस्या समाधान करते हैं। इसी कड़ी में कलक्टर भी रात्रि चौपाल करते हैं। कलक्टर के पहुंचने पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी पहुचं जाते हैं, जिसके चलते कई समस्याएं हाथोंहाथ हल हो जाती है। कलक्टर के अतिरिक्त एडीएम, एसडीएम व अन्य अधिकारी भी रात्रि चौपाल में समस्याएं सुनते हैं।

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