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सतह से चली हवा, भूमि की नमी हुई कम

बाड़मेर पत्रिका . जिले भर में सतह से चलने वाली हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पूर्व में हुई बारिश के दौरान लोगों ने खेतों में बुवाई कर दी थी। कई स्थानों पर जब फसलें खड़ी होने की स्थिति में आई तो मानसून का रुख बदल गया। तेज हवा चलने से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

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Wind from the surface, the humidity of the land decreased.

Wind from the surface, the humidity of the land decreased.

चार दिनों से थार में चल रही सरफेस विंड

सतह से चली हवा, भूमि की नमी हुई कम

अब बरसात नहीं होने पर फसलों को नुकसान की आशंका
बाड़मेर ञ्च पत्रिका . जिले भर में सतह से चलने वाली हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पूर्व में हुई बारिश के दौरान लोगों ने खेतों में बुवाई कर दी थी। कई स्थानों पर जब फसलें खड़ी होने की स्थिति में आई तो मानसून का रुख बदल गया। तेज हवा चलने से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसान बरसात को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है अब जल्द ही बरसात नहीं हुई तो हवा से फसल की उम्मीद खत्म हो जाएगी।
बारिश के बाद जमीन में नमी के चलते हुई बुवाई से बाजरी व मूंग-मोठ की फसलें खड़ी होने लगी हैं। किसानों ने खेतों में सूड़ करना प्रारम्भ कर दिया। लेकिन पिछले दिनों से सतह से चली हवा से जमीन की नमी समाप्त हो रही है। सतह की हवा ने कई स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वहीं नमी सोखने के कारण फसलों को पानी की जरूरत बढ़ गई है।
अब मूंग, मोठ व ग्वार हो सकता है उपयोगी
किसानों को नुकसान से बचने व मानूसन में फसल प्राप्त करने के लिए अब मूंग,मोठ व ग्वार की खेती करना उपयोगी होगा। कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि इस सप्ताह बरसात आने पर खेत में मोठ- आरएमओ-40, 257, 435 ग्वार- आरजीसी-936, 1002 की बुवाई कर सकते हैं।
ऐसे बचाएं भूमि
की नमी
जहां पानी की उपलब्धता है वहां फसलों को पानी पिलाकर बचाया जा सकता है। जहां पर घने रूप से फसल बोई हुई है, वहां फसल की लाइन में एक-एक पौधा हटाकर नमी बरकरार रख सकते हैं। फसलों की सुरक्षा को लेकर कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केन्द्र से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसान बरसात को लेकर चिंतित हैं।