31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में यूपी-बिहार की 1500 लड़कियों की खरीद फरोख्त, नाबालिग की आपबीती सुन पुलिस रह गई दंग

एनजीओ की आड़ में लड़कियों व महिलाओं को रखते थे कैद, देह व्यापार में धकेलने वाली गैंग की सरगना सहित चार आरोपी गिरफ्तार

3 min read
Google source verification

बस्सी

image

Vinod Sharma

Apr 09, 2025

Four accused of prostitution arrested

पुलिस गिरफ्त में गैंग की सरगना सहित चार आरोपी।

राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनका कारनामा जानकार हर कोई दंग रहा गया। उन्होंने यूपी, बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में गरीब परिवारों को टारगेट कर उनकी रैकी की। इसके बाद उनके परिजनों व लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर राजस्थान ले आए। यहां लाकर उनको शादी के नाम पर बेच कर देह व्यापार में धकेल दिया। पुलिस ने बताया कि किसी को शक नहीं हो इसलिए लड़कियों के अपहरण व जबरन शादी करने वाले को आपसी बोलचाल की भाषा में वे स्काउट बोलते हैं। आरोपी यूपी-बिहार से लाकर 1500 लड़कियों की जबरन शादी करा चुके है। जयपुर कमिश्नरेट की बस्सी पुलिस ने एक एनजीओ संचालक महिला सहित चार जनों को गिरफ्तार किया है।

एनजीओ की आड़ में चल रही थी खरीद फरोख्त
बस्सी थानाधिकारी आईपीएस अभिजित पाटील ने बताया कि रोहतासपुरा गोशाला के पास से एक नाबालिग लड़की के होने की सूचना मिली और पुलिस उसे थाने ले आई। जहां नाबालिग ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उत्तर प्रदेश निवासी नाबालिग लड़की ने बताया कि बस्सी थाने के सुजानपुरा गांव में गायत्री नाम की महिला एक एनजीओ चलाती है। एनजीओ के माध्यम से प्रचार-प्रचार कर लोगों को बुलाकर व नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त कर लोगों से शादी करने के बहाने से नाबालिक लड़कियों को देह व्यापार के लिए बेचा जाता। महिला ने उसे कई दिनों से कैद कर रखा है, बाद में नशीला पदार्थ पिलाकर 2 लाख 50 हजार रुपए लेकर शादी करा दी। करीब एक सप्ताह बाद उसे परिजनों की याद आने लगी तो वह भाग गई। पति ने पीछा कर पकड़ लिया और गायत्री के पास ले गया। जहां गायत्री ने तीन दिन तक डेरे में बंद रखा और मारपीट की।

दुबारा बेचने का था प्रयास
नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि उसे डेरे में बंद कर गायत्री मारपीट करती रहती थी। एक दिन उसने सुना कि वह किसी दूसरी जगह बेचने की बात कर रही है। 3 लाख रुपए में बेचने का सौदा तय कर दिया। उसने यह भी सुना की उसको खरीदने के लिए दो व्यक्ति आ रहे हैं। नाबालिग ने दूसरी जगह बेचने की बात एक अन्य महिला को बताई। उस महिला ने भगाने में मदद की और पास ही गोशाला में जाकर आपबीती बताकर पुलिस को सूचना देना। इसके बाद नाबालिग डेरे से भागकर गोशाला चली गई और पुलिस को फोन करवाया। डेरे से नाबालिग के फरार होने की सूचना गायत्री और खरीदारों को लगी तो पीछा किया, लेकिन वह नहीं मिली।

कर्जा चुकाने का झांसा देकर बंगाल से ले आए
पुलिस ने बताया कि मौके से जबरन कैद कर रखी मिली बंगाल निवासी महिला ने बताया कि वह बंगाल में छोटा-मोटा काम कर व भीख मांगकर अपने परिवार का गुजारा करती थी। परिवार पर कुछ कर्जा भी हो गया था। तभी वहां एक एजेंट आया और उसे 20 हजार रुपए प्रति माह नौकरी का झांसा देकर ले आया और यहां आकर गायत्री को बेच दिया। उसे करीब साल भर से डेरे से बाहर भी नहीं जाने दिया। जिसकी उसे मनोस्थिति खराब हो चुकी है।

लड़कियों के बनाते थे फर्जी कागजात
पुलिस ने बताया कि अपहरण कर या जबरन व नौकरी का झांसा देकर लाने वाली नाबालिग व अन्य लड़कियों को यहां लाकर फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाकर बालिग और स्थानीय निवासी बताया जाता था। पुलिस को कई लड़कियों के फर्जी डॉक्यूमेंट भी गायत्री के पास मिले है। एनजीओ के खिलाफ कानोता, ट्रांसपोर्ट नगर व बस्सी थाने में करीब एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। ये आरोपी पिछले 8 वर्ष से डेरा डालकर रह रहे हैं।

इनको किया गिरफ्तार
नाबालिग व एक अन्य लड़की से पूछताछ के बाद पुलिस ने सुजानपुरा स्थित गायत्री विश्वकर्मा द्वारा संचालित गायत्री सर्व समाज फाऊंडेशन के डेरे पर दबिश देकर गायत्री (52) पत्नी रामावतार जांगिड़ निवासी प्रेमनगर आगरा रोड, भगवान सहाय (27) निवासी मोतीपुरा नसीराबाद जिला अजमेर, महेन्द्र मेघवंशी (45) निवासी मोतीपुरा नसीराबाद जिला अजमेर, हनुमान सिंह गुर्जर (32) निवासी गादरवाड़ा कोलवा दौसा को गिरफ्तार किया है।

Story Loader