– हाईवे किनारे होटल-ढाबों व दुकानों के निर्माण से पेड़ों की हो रही है अवैध कटाई।
बस्सी @ पत्रिका. वर्ष 2008 में जब जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को टू लेन से फोरलेन में कनर्वट किया गया था, तब जयपुर से महुवा तक निर्माण कम्पनी ने 23 हजार 580 पेड़ काटे गए थे, तब हाइवे निर्माण कम्पनी ने निर्माण के वक्त काटे गए पेड़ों की एवज में दो गुने पौधे लगा कर पेड़ तैयार करने का अनुबंध किया था। हालांकि कम्पनी ने कुछ पौधे लगाए भी थे, लेकिन आधे से अधिक तो सार सम्भाल के अभाव में मर गए और अब रहे सहे पेड़ों को हाईवे किनारे होटल-ढाबा व दुकान निर्माण करने वाले लोग काट रहे हैं। एनएचआई व टोल कम्पनी को जानकारी होते हुए भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तेजी से बन रहे हैं होटल- ढाबे…
जयपुर – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयपुर से महुवा तक हाइवे के दोनों ओर हर एक – दो किलोमीटर की दूरी पर हाेटल ढाबे व दुकानें बन रहे हैं। ऐसे में जहां पर होटल, ढाबे व दुकानें बन गई या बन रही है, वहां पर इन होटल , ढाबा व दुकानों के मालिकों ने अपने प्रतिष्ठान हाइवे पर फ्रंट पर दिखने के लिए पेड़ों को काट दिए हैं । वहीं जिन होटल ढाबों का निर्माण कार्य चल रहा है वे भी अपने आगे एनएच पर लगे इन पेड़ों को काट देंगे। कई जगह तो भू माफिया हाइवे किनारे कृषि भूमि में कॉलोनियां बसाने के लिए भूखण्ड बेच रहे हैं, वहां पर भी पेड़ों की कटाई की जा रही है। हाइवे किनारे काटे जाने वाले हजारों पेड़ों की कटाई के बाद भी एनएचआई इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
तारबंदी नहीं होने व समय से पानी नहीं देने से पनप ही नहीं रहे हैं पेड़….
जयपुर – आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने वाली कम्पनी ने अनुबंध के मुताबिक हाइवे किनारे पौधे तो लगाए थे, लेकिन 18 साल बाद भी ये पौधे पेड़ नहीं बन पाए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि निर्माण कम्पनी ने इन पौधों की सार – सम्भाल पर आज तक ध्यान ही नहीं दिया है। आज पूरे हाइवे पर किसी किसी स्थान को छोड़ृ कर कहीं पर भी तारबंदी नहीं है। ना ही इन पौधों को नियमित रूप से पानी पिलाया जा रहा है। यही कारण है कि हाइवे पर कम्पनी पौधे मर जाने पर बरसात के वक्त नए पौधे भी लगाती है, लेकिन तारबंदी व पानी के अभाव में ये पौधे मर जाते हैं। (कासं )
वर्जन…
शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे…
पेट्रोल पम्प वाले तो एनओसी लेकर पेड़ काटते हैं, लेकिन अधिकांश होटल, ढाबे व दुकान वाले चोरी छिपे निर्माण करते हैं, इनकी शिकायत मिल जाएगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– बलबीर सिंह यादव, पीडी एनएचआई दौसा।