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कांग्रेस में 27 साल रहे लालचंद कटारिया ने हाथ छोड़ थामा कमल, ऐसे बदलेंगे सियासी समीकरण

राजस्थान के दिग्गज जाट नेताओं में शुमार शनिवार तक कट्टर कांग्रेसी नेता रहे झोटवाड़ा, आमेर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक, जयपुर ग्रामीण के पूर्व सांसद, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री व पिछली गहलोत सरकार में केबिनेट मंत्री रहे लालचंद कटारिया ने कांग्रेस से 27 साल पुराना रिश्ता तोड़कर अब भाजपा का दामन थाम लिया है।

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Mar 11, 2024
lalchand kataria

राजस्थान के दिग्गज जाट नेताओं में शुमार शनिवार तक कट्टर कांग्रेसी नेता रहे झोटवाड़ा, आमेर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक, जयपुर ग्रामीण के पूर्व सांसद, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री व पिछली गहलोत सरकार में केबिनेट मंत्री रहे लालचंद कटारिया ने कांग्रेस से 27 साल पुराना रिश्ता तोड़कर अब भाजपा का दामन थाम लिया है।

इसी के साथ झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस-भाजपा के राजनीतिक गलियारों में बदलाव की बयार शुरू हो गई है। हालांकि इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद झोटवाड़ा से कई सालों तक कांग्रेस पर एक ही परिवार का दबदबा रहने से दबे कार्यकर्ताओं को आगे आना का रास्ता साफ हो गया है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में अब कटारिया के दल बदलने के बाद असंतोष भी देखा जा रहा है।

झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सिरसी रोड बिशनवाला निवासी लालचंद कटारिया का परिवार शुरू से ही कांग्रेसी रहा। उनके पिता स्व. रामप्रताप कटारिया नब्बे के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरदेव जोशी के कार्यकाल में आमेर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। पिता की सड़क हादसे में मृत्यु के बाद लालचंद कटारिया वर्ष 1995 से राजनीति में सक्रिय हुए और पीसीसी सदस्य और फिर पीसीसी सचिव बने। वर्ष 2004 के विधानसभा चुनावों में लालचंद कटारिया को कांग्रेस ने टिकट देकर आमेर विधानसभा क्षेत्र से उतारा और विधायक चुने गए।

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद झोटवाड़ा नई विधानसभा बनी तो कटारिया यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे लेकिन भाजपा के राजपाल सिंह शेखावत के सामने हार गए। कुछ समय बाद नवगठित जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने उनको टिकट दिया और सांसद चुनकर दिल्ली गए और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री बने। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने चुनाव नहीं लड़कर छोटे भाई रामगोपाल कटारिया की पत्नी रेखा कटारिया को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाया लेकिन रेखा कटारिया भाजपा के राजपाल सिंह शेखावत से हार गई और वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में एक बार लालचंद कटारिया झोटवाड़ा से कांग्रेस का टिकट लेकर चुनावी मैदान में उतरे और भाजपा के राजपाल सिंह शेखावत को हराकर दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।

गहलोत के रहे करीबी कांग्रेस के कद्दावर नेता लालचंद कटारिया 2019 में दूसरी बार विधायक बने तो कांग्रेस बहुमत में आई और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनको कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया। कटारिया कांग्रेस की सरकार में गहलोत के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाते थे। अब संभावना है कि जल्द ही झोटवाड़ा एवं जोबनेर पंचायत समिति में कांग्रेस की जगह भाजपा का बोर्ड होगा और दोनों ही पंचायत समितियों में भाजपा के प्रधान होंगे।

Published on:
11 Mar 2024 03:18 pm
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