आंधी @ पत्रिका. तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भावनी अधीन गांव दांतली के एससी मौहल्ले में स्थित कुए में सोमवार सुबह एक युवक शव पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शव को कुएं से बाहर निकलवाकर उसकी शिनाख्त करवाई तो शव दो दिन पूर्व गांव में आई एक बारात में शामिल बाराती का निकला जो शादी वाली रात्री से ही बारात में से लापता था।
पुलिस एवं ग्रामीणों के अनुसार गांव दांतली में एससी मौहल्ले में खातेदारी भूमी में स्थित कुए पर सोमवार सुबह पानी भरने गई महिलाओं को कुएं में किसी का शव पड़ा दिखा। महिलाओं ने इसकी जानकारी मौहल्ले में आकर दी जिसके बाद एससी मौहल्ले में रहने वाले ग्रामीण कुएं पर पहुंचे तो उनको वहां कुएं में पानी पर तैरता शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस एवं प्रशासन को दी। सूचना मिलने के बाद थाना एएसआई लक्ष्मण सिंह मय पुलिस टीम तथा, जमवारामगढ़ उपखण्ड अधिकारी ललित मीणा, तहसीलदार प्रांजल कंवर, ग्राम विकास अधिकारी प्रहलाद सिंह, सरपंच रामबाबू शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को कुएं से बाहर निकाला तथा उसकी शिनाख्त करवाई।
शिनाख्त में शव कमला नेहरू नगर, पानीपेच, जयपुर निवासी करण कुमार नायक ( उम्र 26 वर्ष) पुत्र राजेश नायक के रूप में हुई।
शिनाख्त होने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए कस्बे के चिकित्सालय में लाई तथा बाद में परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द किया।
वहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि करण नायक दो दिन पूर्व 3 म ई को गांव में स्थानीय एससी मोहल्ला निवासी नाथूराम बुनकर की पुत्री पूजा की शादी में जयपुर पानीपेच से आई बारात में शामिल था। बताया जा रहा कि मृतक करण दुल्हे का दोस्त था ओर वह शादि वाले दिन रात्री करीब दस बजे तक बारात में ही शामिल था। उसके बाद से वह लापता था।
शादि वाली रात्री में दुल्हे को करण के दिखाई नहीं देने पर अन्य बारातियों ने उसकी तलाश भी की लेकिन वह नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने करण के वापिस जयपुर लौटने का अंदेशा लगाकर तलाश नहीं की।
ग्रामीणों को अंदेशा है कि रात्री वह किसी कार्यवशदांतली के स्टैण्ड की ओर गया होगा ओर अंधेरे में सड़क किनारे बिना मुंडेर का कुआ दिखाई नहीं देने के कारण वह उसमें गिर कर पानी में डूब गया।
प्रशासन की लापरवाही आई सामने
बीते दिनों बोरवेल में बच्चे गिरने के बाद हुए हादसों के बाद जिला प्रशासन ने गांवों में मौजूद खुले कुएं एवं बोरवेल को ढकने या सुरक्षा इंतजाम करने के सख्त निर्देश जारी किए थे लेकिन जिला प्रशासन के आदेश धरातल पर बेअसर नजर आए जिसके चलते अब भी गांवों में अनेक कुएं मुंह फैलाए हादसे की बाट जोह रहे हैं।
ग्राम विकास अधिकारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि दांतली गांव में मौजूद कुआ स्थानीय लोगों का पेयजल का मुख्य स्रोत था। खातेदारी भूमी में स्थित इस कुएं को ढकने के लिए खातेदार सुरेश, श्योदान, काल्या, मूली देवी, नांनगा, कजोड़, हरनाथ व गोविंद को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका था।