
नाबालिग से बलात्कार के आरोपी बंदी की उप कारागृह में मौत
कोटपूतली. यहां उपकारागृह में नाबालिग से बलात्कार के आरोप में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बंदी की गुरुवार सुबह मौत हो गई। यह तीन माह पहले सीकर जेल से यहां स्थानांतरित होकर आया था। इसके खिलाफ थाना थोई जिला सीकर में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। चिकित्सकों के अनुसार प्रथमदृष्टृया ह्रदयघात से इसकी मौत हुई है। इससे पहले 2017 में एक बंदी ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
उप कारापाल सुरेश शर्मा ने बताया कि बंदी कमलेन्द्र उर्फ मोनू (26) पुत्र घनश्याम शर्मा मूलत आचार्य गली अजमेर निवासी था। वह 28 सितम्बर को सीकर जेल से स्थानांतरित होकर यहां आया था। सीकर जेल में क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या होने के कारण उसे यहां स्थानांतरित किया गया था। उसकी सुबह अचानक तबीयत बिगडऩे पर जेल के मेल नर्स ने जांच कर दवा देकर बैरक में लिटा दिया। इसके बाद उसकी पुन: तबीयत बिगडऩे पर निजी वाहन से बीडीएम अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस उप अधीक्षक दिनेश यादव व थाना प्रभारी नरेन्द्र कुमार अस्पताल पहुंचे। शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
जेल में 155 बंदियों की क्षमता
इस जेल में 150 पुरुष व 5 महिलाओं बंदियों को अभिरक्षा में रखने की क्षमता है। जेल में तीन बैदक बने हुए हैं। इनमें प्रत्येक में 50 बंदी रहते हैं। इसके अलावा 5 महिला बंदियों के लिए अलग से बैरिक है, लेकिन महिला बंदियों को यहां नहीं रखा जाता है। उन्हें जयपुर महिला जेल भेजा जाता है। अभी जेल में 146 बंदी है। यहां कुछ माह पहले तक दो बैरिक होने से इसकी क्षमता 105 थी, लेकिन अधिकांश समय क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण तीसरी बैरिक का निर्माण कराया गया है।
पद स्वीकृत रिक्त
उपकारापाल 01 00
सिपाही 11 05
मुख्य प्रहरी 04 01
मेल नर्स 01 00
जेल में बंदियों की संख्या को देखते हुए यहां चिकित्सक की जरूरत महसूस की जा रही है। जेल परिसर में आए दिन बंदी बीमार होते रहते हैं। इनको वहां से बीडीएम अस्पताल लाकर उपचार के परेशानी होती है। अभी बंदियों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक मेल नर्स पद स्थापित है।
Published on:
09 Jan 2020 07:07 pm

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