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25 फीसदी बढ़ा यातायात दबाव, बस्सी चक चौराहे पर पुलिसकर्मियों की दरकार

हाईवे पर आवागमन बढ़ने से हादसों की बढ़ी आशंका

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बस्सी @ पत्रिका. दिल्ली-मुम्बई ग्रीन एक्सप्रेस हाइवे चालू होते ही जयपुर से दौसा तक वाहनों का आवागमन बढ़ने से बस्सी चक चौराहे, कानोता तिराहे, मोहनपुरा चौराहे, बांसखोह फाटक तिराहे, जटवाड़ा चौराहे व पंचमुखी हनुमान मंदिर चौराहे पर सड़क हादसों की आशंका बढ़ गई है। इसमें खासकर बस्सी चक चौराहे व मोहनपुरा चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मियों की आवश्यकता बढ़ गई है। यदि स्थानीय थाना पुलिस ने शीघ्र ही यायातात पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


उल्लेखनीय है कि इस हाइवे से पिछले दिनों दिल्ली-मुम्बई हाइवे के चालू होने से पहले 24 घंटे में 17 हजार वाहनों की आवाजाही होती थी, लेकिन अब प्रतिदिन 21 – 22 हजार वाहन गुजर रहे है। वाहनों के दबाव के कारण तो राजाधोक टोल प्लाजा पर टोल कम्पनी को दोनों ओर लेन बढ़ानी पड़ रही है। टोल पर भी प्रतिदिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है।

मंदिर चौराहे पर भी रहती हादसे की आशंका
हाइवे पर पंचमुखी हनुमान मंदिर एवं जटवाड़ा स्टेशन की ओर जाने वाले वाले रास्तों के तिराहे एवं चौराहों पर भी कमोबेश यही हालात है। यहां पर भी वाहनों के संकेत के लिए या तो टोल कम्पनी को बत्तियां लगानी चाहिए या फिर पुलिसकर्मी वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखने चाहिए। इसी प्रकार बांसखोह फाटक तिराहे पर भी वाहनों की आवाजाही अधिक होती है।

फाटक खुलते ही वाहनों का अम्बार लग जाता है। ऐसे में यहां भी हादसे होने की आशंका बनी रहती है। आए दिन लगता जामबस्सी शहर में मुख्य बस स्टैण्ड एवं लो फ्लोर बस स्टैण्ड पर वाहनों का आए दिन जाम लगता ही रहता है। खासकर मुख्य बस स्टैण्ड पर दिन में कई बार जाम लगता है। वाहन आडे़ तिरछे फंस जाते हैं। लेकिन यहां पर कभी पुलिस को वाहनों को नियंत्रण करते नहीं देखा गया है ।

बस्सी चक पर लगा रखी है लालबत्ती
बस्सी चक चौराहे पर टोल कम्पनी ने कहने को एक लालबत्ती लगा रखी है, लेकिन यहां अन्य बत्तियां नहीं लगाई है। ऐसे में इस लालबत्ती का यहां पर कोई महत्व नहीं है। बस्सी थाना पुलिस को एक पुलिसकर्मी की 24 घंटे ड्यूटी रखी चाहिए, जो वाहनों को नियंत्रण में कर सके। वाहनों की संख्या बढ़ने से जयपुर से बस्सी की ओर, दौसा से जयपुर की ओर आने वाले वाहन चालक अपने हिसाब से स्वयं ही रुक-रुक कर निकलते हैं। यदि पुलिसकर्मी तैनात हो तो एक तरफ के वाहनों को रोक कर दूसरी ओर डायवर्ट कर सकें। यदि पुलिस ने यहां की व्यवस्था नहीं सम्भाली तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां पर इस अनियमितता के कारण आए दिन हादसे हो रहे है।

मोहनपुरा में हो चुके कई हादसे
बस्सी से दो किलोमीटर आगे पुलिया के उतार-चढ़ाव पर मुख्य चौराहा है। यह काफी व्यवस्तम चौराहा है। यहां पर भारी तादात में वाहनों का आवागमन होता है। यहां सार्वजनिक निर्माण विभाग का अधिशासी अभियंता कार्यालय भी है। यहां पर भी चौराहे पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते है। इस चौराहे पर पिछले वर्ष सवारियों से भरी एक बस पलट चुकी थी, उसमें कई लोगों की जान चली गई थी। कई बाइक सवार जान गंवा चुके हैं।