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तालाब की बावड़ी में गर्म हुआ पानी, हजारों मछलियों की मौत

बस्सी / दूधली @ पत्रिका. उपखण्ड इलाके के नईनाथ वन्य क्षेत्र में बने जगदीश सरोवर तालाब परिक्षेत्र की बावड़ी में भीषण गर्मी व बढ़ते तापमान से पानी गर्म होने के कारण हजारों मछलियों की मौत हो चुकी है, मछलियों की मौत के बाद तालाब व बावड़ी का पानी भी दूषित हो गया है। इससे वन्यजीवों […]

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बस्सी / दूधली @ पत्रिका. उपखण्ड इलाके के नईनाथ वन्य क्षेत्र में बने जगदीश सरोवर तालाब परिक्षेत्र की बावड़ी में भीषण गर्मी व बढ़ते तापमान से पानी गर्म होने के कारण हजारों मछलियों की मौत हो चुकी है, मछलियों की मौत के बाद तालाब व बावड़ी का पानी भी दूषित हो गया है। इससे वन्यजीवों में भी बीमारी की आशंका बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार बस्सी – नईनाथ सड़क मार्ग पर जगदीश सरोवर तालाब है। इस तालाब में एक बावड़ी भी है। बरसात के मौसम में तालाब व बावड़ी पानी से लबालब भर गए थे, जिनमें अभी भी काफी पानी है। तालाब व बावड़ी में बड़ी संख्या में मछलियां छोड़ रखी है। भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान से तालाब व बावड़ी का पानी गर्म हो गया है। तालाब का आकार बड़ा होने के कारण उसमें जो मछलियां हैं, अभी वे तो जिंदा है, लेकिन बावड़ी में भरा पानी दीवारों की तपन व तेजगर्मी व बढ़ते तापमान से पानी गर्म हो गया, इससे बावड़ी में हजारों मछलियों की मौत हो चुकी है।

दूषित हो गया पानी, आती है दुर्गंध…

जगदीश सरोवर तालाब की बावड़ी में पानी गर्म होने के कारण मछलियों की मौत होने के कारण तालाब की बावड़ी में सड़ांध मची हुई है। इस पानी में दूर से ही दुर्गंध आती है। हालत यह है कि वहां पर खड़े रहते ही मुंह पर कपड़ा लगाना पड़ता है। इसके बाद भी वहां पर एक पल भी खड़ा रहना दुभर हो जाता है।

वन्य जीवों में बीमारी की बढ़ गई आशंका…

जगदीश सरोवर तालाब की बावड़ी में वन्य इलाकों में रहने वाले जंगली जानवर पानी पीने आते हैं। इससे इन वन्य जीवों में भी बीमारी होने के आशंका बढ़ गई है। बावड़ी में सीढि़यां है, जिनसे उतर कर बावड़ी में वन्य जीव पानी पीकर जाते हैं। वन विभाग का अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यदि वन्य क्षेत्र में रहने वाले जानवरों में मछलियों की मौत के बाद जंगली जानवरों में बीमारी फैल गई तो वनजीवों को खतरा हो सकता है।

रिसाव से खाली हो रहा है तालाब…

नईनाथ वन क्षेत्र इलाके में गुढ़ा मीना निवासी जगदीश प्रसाद मीना ने अपनी जेब से वन्य जीवों के लिए जगदीश सरोवर तालाब का निर्माण कराया था, ताकि इसमे बरसात का पानी एकत्रित हो सके। इस तालाब की पाळ पक्की है। बरसात के समीप में इसमें काफी मात्रा में पानी भर जाता है। बरसात के दिनों में यहां पर पर्यटक भी जाते हैं। अब इसकी सार सम्भाल ग्राम पंचायत करती है। लेकिन बरसात के गत सीजन में यह तालाब व बावड़ी पानी से लबालब भर गया था, लेकिन इसमें बरसात के सीजन से ही रिसाव हो गया था, अब रिसाव से इस तालाब के पैंदे के अलावा पूरा पानी निकल चुका है। (कासं )

वर्जन…

वे मौका देख कर आएंगे…

जगदीश सरोवर में पानी भरा हुआ है, वहीं बावड़ी भी है। यहां वन्य जीव पानी पीने आते हैं। यदि बावड़ी में मछलियों की मौत हो गई तो वन्य प्राणियों में भी बीमारी की आशंका है। वे मौके पर जाकर देख कर आएंगे, उसके बाद कोई उपाय किया जाएगा।

– हंसराज मीना, नाका प्रभारी वन चौकी नईनाथ बस्सी।