6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर आप किसान है, तो ये खबर आपके लिए है, पढ़े एक गरीब किसान के लखपति बनने का सफर

जीवन में मिले अनुभव से बड़ी सीख कोई नहीं। इस अनुभव में अगर लगन और मेहनत जुड़ जाए तो किसी भी इंसान के लिए लक्ष्य को पाना आसान हो जाता है

2 min read
Google source verification
पढ़े एक गरीब किसान के लखपति बनने का सफर

जगदलपुर . जीवन में मिले अनुभव से बड़ी सीख कोई नहीं हो सकती। इस अनुभव में अगर लगन और मेहनत जुड़ जाए तो किसी भी इंसान के लिए लक्ष्य को पाना आसान हो जाता है। ऐसा ही किया है बस्तर ब्लॉक के झारतराई निवासी किसान मंगतूराम ने। जो 1.50 हेक्टेयर में खेती के अलावा भिंडी की खेती कर न केवल कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाया है बल्कि परिवार भी खुशहाली है।

बमुश्किल खाने लायक अनाज होता था
मंगतू ने बताया कि उसके पास 1.50 हेक्टेयर जमीन है। वह पहले गांव के अन्य किसानों की तरह सिर्फ धान की खेती करता था और करीब आठ माह तक बेरोजगार रहता था। सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण उनके पास कोई विकल्प भी नहीं था। इसके बाद वह कृषि विभाग के अधिकारियों के संपर्क में आया और उनके अपने कृषि अनुभव ने उन्हें तरक्की का सही रास्ता दिखाया। मंगतू के मुताबिक पहले वह 1.50 हेक्टेयर भूमि पर पारम्परिक तरीके से बारिश के पानी पर आधारित एक फसली खेती करता था, जिससे बमुश्किल खाने लायक अनाज होता था।

दो लाख का शुद्ध मुनाफा
कृषक ने बताया कि वर्तमान में उसने 1.5 हेक्टेयर में भिण्डी लगाई है, जिसमें उसे करीब 80 हजार रुपए हुआ है। उसे सालभर में कुल खर्च काटकर उसे 2 लाख रूपए की शुद्ध आय हो रही है। कृषक के इस सफलता को देखकर उसके परिवार के साथ-साथ आसपास के किसान भी सलाह लेकर कृषि विभाग से संपर्क कर रहे हैं एवं उन्नत तकनीकी से खेती कर नई-नई योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपने कृषि कार्य एवं आर्थिक स्थिति में सुधार लाकर इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उसकी इस उन्नति को देख अन्य किसान भी उनकी तरह खेती करना शुरू कर दिया है।

बदली सोच, कृषि यंत्रों का लिया साथ
मंगतू ने सोच बदलते हुए आधुनिक कृषि करने की ठानी और 2010-11 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना अंतर्गत नलकूप खनन करवाया। उन्होंने कृषि विभाग से उन्नत तकनीक जानकारी लेकर विस्तृत रूप से खेती करना शुरू किया। उद्यानिकी विभाग से ड्रिप संयंत्र की स्थापना की और सब्जी की खेती भी करने लगा। मेहनत और लगन का फल दिखने लगा और मंगतू को अच्छी आमदनी होने लगी । अब वह अपने परिवार के 6 सदस्यों का पालन पोषण अच्छे से कर रहा है।