
जगदलपुर . लामकेर प्री मीट्रिक बालक छात्रावास में छटवीं कक्षा के छात्र योगेश कश्यप (11) की मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी चपरासी बैद्यनाथ ठाकुर को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। छात्र ने चपरासी को छात्रावास में महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, इसलिए उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। जिसे सुसाइड का रुप देने का प्रयास किया गया था। पुलिस अब हत्या का साक्ष्य छुपाने वालों के खिलाफ धारा 201 के तहत कार्रवाई करने विवेचना शुरु कर रही है। जिसमें छात्रावास अधीक्षक, छात्रावास के अन्य स्टाफ व पीएम चिकित्सक को भी पुलिस ने संदेह में लिया है। थाना प्रभारी आलोक दत्ता ने कहा है कि साक्ष्य छुपाने में शामिल दोषियों के विरूद्ध विधिवत व न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।
छात्रावास अधीक्षक ने जिंदा बताकर बस्तर स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया
गौरतलब है कि शीतकालीन छुट्टी खत्म होने के बाद तीन जनवरी को चंद्रशेखर अपने छोटे भाई योगेश को लामकेर प्री मैट्रिक छात्रावास छोड़ गया था। यहां शाम करीब साढ़े 3.30 बजे योगेश की हत्या कर दी गई थी। यहां के स्टाफ व छात्रावास अधीक्षक ईश्वर लाल बंजारे ने छात्र को जिंदा बताकर 108 की मदद से बस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया था। पुलिस और न ही परिजन को मामले की सूचना दी गई थी। अस्पताल में जब डॉक्टर ने छात्र को मृत बताया, तब अधीक्षक ने शाम 5.30 बजे के करीब भानपुरी थाना व छात्र के पिता कंवल को मौत की खबर दी। अस्पताल में अधीक्षक ने पुलिस को छात्र के सुसाइड करना बताया, लेकिन छात्र के पिता को चक्कर आकर गिरना बताया था। इस बात पर छात्र के पिता कंवल ने अधीक्षक के अलग-अलग बयान पर हत्या का संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी।
पुलिस को जांच के दौरान छात्रावास अधीक्षक सहित यहां के दो चपरासी, टीचर्स व अन्य दो छात्र के बयान में विरोधाभास मिले। इधर पीएम रिर्पोर्ट आने के बाद भी गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि हुई। अब पुलिस के सामने हत्यारे को ढूंढने की चुनौती थी। घटना के बाद छात्रावास अधीक्षक मीटिंग में मौजूद होने से हत्या की शक उस दौरान छात्रावास में मौजूद चपरासी बैद्यनाथ ठाकुर व दामोदर पर था। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आखिरकार चपरासी बैद्यनाथ ने छात्र की हत्या की बात कबूल कर ली, लेकिन हत्या की जो वजह चौकाने वाली थी। बैद्यनाथ के कथन मुताबिक छात्र योगेश ने उसे छात्रावास में ही किसी महिला के साथ उस दिन आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसलिए छात्र का हमेंशा के लिए मूंॅह बंद करने बैद्यनाथ ने गमछे से उसका गला घोंट कर उसे मार डाला।
पीएम रिपोर्ट देने में डॉक्टर ने की देरी
जांच में डॉक्टर की कार्यप्रणाली को संदेह के नजरिया से देखा जा रहा है। छात्र की मौत के दूसरे दिन चार जनवरी को डॉक्टर नेताम ने शॉर्ट पीएम तो दिया, लेकिन रिपोर्ट में छात्र की सुसाइड व हत्या से संबंधित किसी तरह का उल्लेख नहीं था। जबकि हैंगिग केश का पता शार्ट पीएम में ही पता लग जाता है। एेसे में पुलिस अब मेन पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। इस बीच कई बार पुलिस ने पत्राचार किया। बावजूद विलंब किया जा रहा था। अंतत: थाना प्रभारी आलोक दत्ता ने एसपी डी श्रवण व वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जिसके बाद एसपी ने 6 फरवरी को खण्ड चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर जल्द पीएम रिपोर्ट सौंपने को कहा। तब जाकर पीएम रिपोर्ट सौंपा गया, जिसमें छात्र की हत्या करने की पुष्टि हो सकी।
108 के तकनीशियन ने भी पाया था मृत
छात्रावास अधीक्षक ईश्वरलाल बंजारे ने पुलिस और परिजन को सूचना देने से पूर्व 108 को फोन लगाया। जिसके बाद बस्तर सीएचसी से 108 पहुंची। एंबूलेंस की ईएमटी पूनम चंद साहू ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जब वह मौके पर पहुंची तो छात्र का शव फंदे में लटका हुआ नहीं था, जमीन पर पड़ा मिला था। छात्र की धड़कन व सांस भी नहीं चल रही थी, वह मर चुका था। इसके बावजूद भी अधीक्षक ने मुक्तांजलि के बदले 108 में शव को अस्पताल ले जाने के लिए कहा।
Published on:
22 Feb 2018 09:18 am
बड़ी खबरें
View Allबस्तर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
