
डीएलबी ने मांगी पालना रिपोर्ट
ब्यावर. नगर परिषद सभापति के पद को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। अदालत के आदेश की पालना में तय है कि बबीता चौहान ही सभापति होंगी। स्वायत शासन विभाग ने शुक्रवार को अदालत के स्थगन आदेश की पालना कराकर कार्रवाई रिपोर्ट आयुक्त से मांगी है।
उच्च न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में निलिबत की गईं सभापति बबीता चौहान की ओर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद स्वायत्त शासन विभाग से जारी निलबन आदेश पर आगामी आदेशों तक रोक लगाई है। इस आदेश की प्रति लेकर बबीता चौहान गुरुवार शाम को अपने समर्थकों के साथ परिषद कार्यालय पहुंची और कुर्सी पर बैठकर कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आयुक्त को लिो गए सूचना पत्र पर दस्तखत किए।
कार्यभार ग्रहण करने संबंधी की गई इस कार्रवाई का कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया। उनके जाने के कुछ देर बाद ही सभापति की कुर्सी पर स्वायत शासन विभाग की ओर से एक दिन पूर्व मनोनीत मेमूना बानों कुर्सी पर काबिज हो गई। उन्होंने बिना विभाग के आदेश पर बबीता चौहान के सभापति कक्ष में आने और कुर्सी पर बैठकर कार्यभार ग्रहण करने संबंधी कार्रवाई करने पर आपत्ति जताई थी। इसके चलते असमंजस के हालात बन गए। स्वायत शासन विभाग से शुक्रवार को स्पष्ट आदेश मिलने के बाद तय हो गया है कि आगामी आदेश तक बबीता चौहान ही नगर परिषद की सभापति होंगी। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से सवा दो लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े जाने पर स्वायत्त शासन विभाग ने सभापति व पार्षद पद से बबीता चौहान को निलिबत कर दिया था। निलबन पर मिला स्टे आदेश लेकर जब वह गुरुवार को नगर परिषद पहुंची एवं कार्यभार ग्रहण कराने के लिए कहा तो नगर परिषद प्रशासन ने यह कहकर टालने का प्रयास किया कि निलबन स्वायत शासन विभाग ने किया है। ऐसे में कार्यभार ग्रहण करने का आदेश भी स्वायत्त शासन विभाग से ही लेकर आएं।
दो दिन में हो गई विदाई
कांग्रेस के बीच स्थानीय स्तर पर चल रही आंतरिक गुटबाजी के चलते सभापति पद से कमला दगदी को हटाकर उनके स्थान पर मेमूना बानों को मनोनीत किया गया था। मेमूना बानों ने बुधवार को कार्यभार ग्रहण किया। एक दिन बाद ही सभापति पद से निलिबत बबीता चौहान को स्टे मिल गया। हालांकि मेमूना और उनके समर्थकों ने स्वायत शासन विभाग से आदेश नहीं होने का हवाला देकर सवाल खड़ा किया था। अब स्वायत शासन विभाग ने अदालत के आदेश की पालना कराने के आयुक्त को निर्देश दिए हैं। ऐसे में मेमूना बानो महज दो दिन की सभापति रहीं।
दिनभर रही ऊंहापोह की स्थिति
सभापति पद को लेकर शुक्रवार को दिनभर ऊंहा-पोह की स्थिति बनी रही। दिनभर सभापति पद को लेकर नाम को लेकर चर्चा चलती रही। सभापति पद के लिए डीएलबी से आदेश आने के बाद इस ऊंहा-पोह की स्थिति पर विराम लगा। जबकि सुबह से ही लोगों की नजर नगर परिषद की गतिविधियों पर लगी रही।
इनका कहना है
स्वायत्त शासन विभाग के आदेश मिल गए हैं। कार्यभार ग्रहण कराकर पालना रिपोर्ट भिजवा दी जाएगी।
-राजेंद्र सिंह चांदावत, आयुक्त नगर परिषद ब्यावर
Updated on:
08 Mar 2019 08:01 pm
Published on:
08 Mar 2019 08:01 pm
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