
ss Ahluwalia
(बिहार/बेगूसराय): नरेंद्र मोदी के समरस्ता फैलाने के इरादे पर अमल करते हुए केंद्रीय मंत्री एसएस आहलुवालिया ने बेगूसराय के दलित परिवार के यहां भोजन किया। इस भोजन पर सवालिया निशान उठने लगे और कहा जाने लगा कि आहलुवालिया ने जो खाना खाया था वह एक बाहरी हलवाई ने बनाया था। इस बात का जवाब देते हुए आहलुवालिया ने कहा कि उनके साथ भोज के लिए गए लोगों की संख्या अधिक थी ऐसे में एक महिला द्धारा भोजन बनाना संभव नहीं था और...
केंद्रीय मोदी सरकार दलित वर्ग में विश्वास बनाने और समाज में समरस्ता फैलाना के लिए सहभोज की योजना लेकर आई है। जिसके चलते बीजेपी के मंत्रियों,जनप्रतिनिधियों, पार्टी के नेताओं का दलितों के घर जाकर भोजन करने का सिलसिला जारी है। पर बीजेपी सरकार के केंद्रीय मंत्री एसएस आहलुवालिया ऐसा करके विवादों में घिर गए है। बताया जा रहा है कि आहलुवालिया बेगूसराय में कथित तौर पर दलित परिवार के यहां खाना खाने गए थे। इस दौरान मंत्री ने जो खाना खाया वह बाहर से मंगवाय गया और वह एक हलवाई (कुक) के द्धारा बनाया गया था।
यह बोले आहलुवालिया
यह बात जब विवाद का रूप लेने लगी तो आहलुवालिया ने इस संदर्भ में सफाई देते हुए एएनआई से कहा कि वह जब खाना खाने गए उस समय उनके साथ लगभग 200 से 300 लोग थे ऐेसे में इतने लोगों के लिए एक महिला द्धारा खाना बनाना संभव नहीं है। आहलुवालिया ने यह भी कहा कि इस बात को बिना किसी कारण ही मुद्या बनाया जा रहा है। उन्होंने ने यह कहा कि इसे एक दलित के घर खाना खाने के तौर पर क्यों नहीं देखा जा रहा है? हलवाई वाली बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गांव का एक हलवाई जो विशेष अवसरों पर गांव वालों के लिए भोजन बनाता है। खाना बनाने के लिए उसे ही बुलाया गया था।
Published on:
05 May 2018 08:01 pm
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