
बेमेतरा (दाढ़ी) . ग्राम पंचायत बेरा विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। पूर्व विधायक चेतन वर्मा के गृह ग्राम बेरा में ग्रामीण आज भी सड़क व नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जिसकी सच्चाई यहां के दलदलयुक्त सड़क की तस्वीर बयां कर रही है। लगभग 1500 की जनसंख्या वाले इस ग्राम पंचायत में 15-16 गलियों में लगभग 3600 मीटर में आज तक मात्र 300 मीटर में ही कांक्रीटीकरण हो पाया है, शेष बदहाल है।
15 साल में मात्र 300 मीटर सड़क बनी
ज्ञात हो कि ग्रामीणों द्वारा कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार कांक्रीटीकरण, नाली निर्माण व गौरवपथ की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। 15 साल पहले जनपद पंचायत विकास निधि से 2 लाख रुपए से 100 मीटर सीसी रोड का निर्माण किया गया था और जिला पंचायत ने अधोसंरचना विकास मद से 5 लाख की 200 मीटर की सीसी रोड सत्र 2015-16 में मिला था। वर्तमान में 2017-18 में जनपद पंचायत विकास निधि से 1.5 लाख रुपए से 100 मीटर सीसी रोड निर्माण स्वीकृत हुआ है, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
लोक सुराज में भी पूरी नहीं हुई मांग
ग्रामीण टाकेश्वर वर्मा, श्रवण सेन, जलेश्वर चंद्राकर, नंदराम साहू, सुरेंद्र निर्मलकर, कमल वर्मा, पुष्पा वर्मा, फेहरीन वर्मा ने बताया कि लोक सुराज अभियान में प्रमुख रूप से गली कांक्रीटीकरण एवं नाली निर्माण की मांग की गई थी। लेकिन ये मांगें आज तक पूरी नहीं हुई। समस्या निदान शिविर महज खानापूर्ति साबित हो रहा है। क्षेत्रीय विधायक व मंत्री दयालदास बघेल के विकास यात्रा के दौरान मांग रखी गई, लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। अब गांव की स्थिति यह है कि गर्मी के दिनों में भी दलदल की वजह से चलना मुश्किल हो गया है। बरसात में सबसे ज्यादा बुरा हाल रहता है। नन्हें बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। पूर्व विधायक स्व. चेतन वर्मा के गृहग्राम की यह बदहाली दुर्भाग्यजनक है।
मंत्री, कलक्टर किसी ने भी नहीं दिया ध्यान
ग्राम पंचायत बेरा के सरपंच देवेंद्र वर्मा ने बताया कि ग्राम गौरव पथ योजनांतर्गत सीसी रोड की मांग मुख्यमंत्री से जनदर्शन में किया गया था। क्षेत्रीय विधायक मंत्री दयालदास बघेल से भी मांग किया गया था। कलक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत से भी गली कांक्रीटीकरण, नाली निर्माण व गौरव पथ की मांग की गई थी। लेकिन हमें केवल आश्वासन मिला, मांगें पूरी नहीं हुई। नेशनल हाइवे से बेरा-कांपा तक 3 किमी सड़क का डामरीकरण केवल कागजों में ही हुआ है। 15 साल पहले ग्राम पंचायत बेरा को आदर्श ग्राम का पुरस्कार मिला था। उसके बाद से गांव की उपेक्षा शुरू हो गई। जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
Published on:
06 May 2018 07:30 am

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