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अधिवक्ताओं ने सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

-अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों पर जताई चिंता। बैतूल। जिला अभिभाषक संघ बैतूल ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मध्यप्रदेश एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को अतिशीघ्र लागू करने की मांग उठाई है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर लगातार हमले […]

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-अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों पर जताई चिंता।

बैतूल। जिला अभिभाषक संघ बैतूल ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मध्यप्रदेश एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को अतिशीघ्र लागू करने की मांग उठाई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर लगातार हमले और आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में शिवपुरी जिले में एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। इससे पूर्व भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अधिवक्ताओं के साथ मारपीट और गंभीर हमले हो चुके हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो न्यायिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। जिला अभिभाषक संघ ने प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपते हुए मांग की है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए और प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू किया जाए। ज्ञापन सौंपते समय संघ जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, सचिव बलदेव कुमार महाजन, उपाध्यक्ष अलका गहीर, सौरभ परिहार सहित संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने बताया कि हड़ताल के चलते आज न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हो सकी। बताया गया कि बैतूल न्यायालय में कुल 20 कोर्ट संचालित हैं। इनमें करीब 300 केसों पर प्रतिदिन सुनवाई होती है। आज हड़ताल के चलते प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हो सकी। इनमें सर्वाधिक अपराधिक प्रकरणों की संख्या 210 के लगभग थी। जबकि सिविल प्रकरण 50 और कुटुम्ब न्यायालय में 40 प्रकरण होना बताए गए, जिनमें सुनवाई आज नहीं हो सकी है।