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बैतूल। जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में तीन नवजात बच्च्चों की मौत के मामले में जांच पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट भी कमिश्नर तक पहुंच गई है। इसके बावूजद जिला अस्पताल के दोषी अधिकारी व कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिम्मेदार अधिकारी भी कुछ कहने से बच रहे हैं और जांच की फाइल दबाकर बैठ गए हैं। वही कलेक्टर के निरीक्षण के पालन में पीएनसी वार्ड में बेड चार्ट लगा और एक्जास्ट फेन लगा दिया है। इधर आमला विधायक ने भी मंगलवार जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
कलेक्टर तरुण कुमार पिथोड़े ने जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में निरीक्षण कर यहां पर प्रत्येक प्रसूताओं के पलंग के पास बेड चार्ट लगाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद बेड चार्ट लगा दिए हैं। डॉक्टर और नर्स द्वारा इस पर बच्चों का निरीक्षण कर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कलेक्टर के आदेश के बाद वार्ड में एक्जास्ट फेन लगाए गए हैं। वही सोमवार रात में एसडीएम सीएल चनाप से जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली है। अस्पताल में ही बच्चे की मौत के मामले में एक और बच्चे के पिता दिलीप नामदेव निवासी शाहपुर ने कलेक्टर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि ३१ जनवरी को पत्नी पूजा को सीजर ऑपरेशन से दस वर्ष बाद बच्ची हुई थी। बच्ची की ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद मौत हो गई। जिसकी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड में बढ़ाए जाए नर्स का स्टाफ
आमला विधायक डॉ.योगेश पंडाग्रे ने मंगलवार सुबह जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. पण्डाग्रे एसएनसीयू एवं पीएनसी वार्डों में भी गए। डॉ.पण्डाग्रे को अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि पीएनसी वार्ड में 27 बेड की व्यवस्था है, लेकिन जिला चिकित्सालय में हर दिन लगभग 25 डिलेवरी होने एवं आस-पास पीएचसी से रेफर करने के कारण वार्ड में हमेशा ही 50 से 70 महिलाएं भर्ती रहती है। इस वार्ड में मात्र 2 स्टाफ नर्स रहती हैं उन पर काम का दबाव लगातार ही बना रहता है। अस्पताल प्रबंधन से चर्चा के उपरान्त व्यवस्थाओं में सुधार के लिए डॉ.पण्डाग्रे द्वारा कलेक्टर से मिलकर जिला चिकित्सालय को नवीन बिल्डिंग में शिफ्ट किए जाने, पीएनसी वार्ड में स्टाफ नर्स की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है।
Published on:
05 Feb 2019 09:05 pm
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