
बैतूल. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के बैतूल में गर्ल्स हॉस्टल का वीडियो वायरल होने के बाद दो हॉस्टल अधीक्षकों पर गाज गिर गई। जिला कलेक्टर ने बालक छात्रावास और बालिका छात्रावास के अदीक्षक को निलंबित कर दिया है।
जिले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा बालक-बालिका छात्रावास संचालित किया जाता है। इनमें वनवासियों के बच्चों को शिक्षा के साथ आवास की सुविधा दी जाती है। जन्माष्टमी पर रात को लड़के-लड़कियों के एक साथ नाच गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। कार्यक्रम में दोनों हॉस्टल के अधीक्षकों भी शामिल हुए थे।
हालांकि हॉस्टल के अधीक्षकों पर कलेक्टर की कार्रवाई के बाद छात्र दोनों के समर्थन में उतर आए हैं। छात्रों ने निलंबन रद्द होने तक कक्षा के बहिष्कार की चेतावनी दी है। मामला बैतूल जिले के शाहपुर का है जहां एकलव्य बालक-बालिका छात्रावास में 19 अगस्त को डीजे लगाकर नाच गाने और बड़ा भोज का कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में छात्रावास से बाहर के लोग भी शामिल हो गए थे। इस कार्यक्रम को नियम विरुद्ध तरीके से आयोजित किया गया था।
वीडियो वायरल होने के बाद आदिवासी समाज के संगठनों ने भी इसीक शिकायत की थी। इस मामले में दोनों अदीक्षक के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। बीजेपी ने भी इस मामले में विरोध करते हुए शाहपुर एसडीएम से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है और जांच के बाद कलेक्टर अमनवीर सिंह बैस ने कार्रवाई करते हुए एकलव्य बालक छात्रावास के अधीक्षक इंद्रमोहन तिवारी और बालिका छात्रावास की अधीक्षक दीपा डोंगरे को निलंबित कर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। जांच के बाद सामने आया कि दोनों छात्रावास के अधीक्षक ने निर्धारित समय के बाद रात में बालक बालिकाओं का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसलिए दोनों छात्रावास के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, फिलहाल मामले की जांच जारी है।
Published on:
24 Aug 2022 05:18 pm
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