
बैतूल. चिल्ड वॉटर के नाम पर हर रोज हजारों कैनों में लाखों लीटर पानी भरकर बेचा जा रहा है, लेकिन सरकारी लापरवाही देखिए कि इसकी जांच तक नहीं होती। शादी, पार्टी से लेकर घर, दुकानों में बढ़ती खपत के चलते शहर में एक दर्जन से ज्यादा आरओ प्लांट खुल गए हैं, लेकिन प्लांट वाले जो पानी पिला रहे हैं, वह शुद्ध है या नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं है। हर रोज पांच से सात हजार से अधिक कैनें बिक रही है, लेकिन एक की भी जांच नहीं की जा रही है। बगैर लायसेंस के पानी का यह कारोबार धड़ल्ले से शहर में संचालित हो रहा है।
जिला खाद्य औषधी प्रशासन जहां कार्रवाई के लिए नियम नहीं होने की बात कहता है। वहीं जिला आपूर्ति विभाग का तर्क यह है कि जब लायसेंस औषधी विभाग जारी करता है तो कार्रवाई का अधिकार भी उन्हीं के पास होना चाहिए।
किसी के पास नहीं लाइसेंस
शहर में करीब एक दर्जन लोगों द्वारा मिनरल वॉटर के नाम पर कैनों में ठंडा पानी भरकर बेचने का कारोबार किया जा रहा है, लेकिन एक ने भी इस काम के लिए लायसेंस लेना जरूरी नहीं समझा है। जबकि इस तरह के कारोबार के लिए वीआईएस सर्टिफिकेशन का होना जरूरी है, पर हैरत की बात यह है कि इस तरह खुला पानी बेचने वालों के प्लांट और पानी की जांच तक नहीं होती है। आरओ और यूवी के नाम पर मार्केट सहित शादी-विवाह जैसे आयोजनों में महंगे दामों पर यह पानी सप्लाई किया जा रहा है।
विभागों का कार्रवाई से परहेज
पेय पदार्थ सहित खाद्य सामग्री आदि की बिक्री के लिए लायसेंस की जरूरत पड़ती है। लायसेंस देना का काम जिला खाद्य औषधी प्रशासन विभाग द्वारा किया जाता है लेकिन शहर में खुला पानी बेचने के मामले में विभाग का कहना यह है कि उनके पास ऐसा कोई नियम नहीं है जिससे खुला पानी बेचने के मामले में कार्रवाई की जा सके। वहीं जिला खाद्य विभाग का तर्क यह है कि जब लाइसेंस औषधी विभाग द्वारा प्रदान किए जाते हैं तो कार्रवाई का जिम्मा भी उनका है। वह काम नहीं करना चाहते हैं इसलिए इस तरह की बहाने बाजी करते हैं। हम इस मामले में कार्रवाई नहंीं कर सकते हैं।
मिनरल वॉटर का सिर्फ दावा भर
शहर में प्लास्टिक की कैनों में भरकर जो खुला पानी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। उसे मिनरल वॉटर का नाम दिया जा रहा है। जबकि हकीकत में पीने वालों को भी यह पता नहीं होता है कि यह मिनरल वॉटर है। ठंडा होने के कारण पानी का स्वाद अच्छा भर लगता है। शहर के अधिकांश पानी सप्लायरों द्वारा आधुनिक मशीनों के उपयोग सहित शुद्धता की गारंटी तक दी जा रही है लेकिन बगैर लायसेंस के संचालित इस कारोबार को लेकर ही असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है।
हैजा अधिसूचित घोषित है जिला
जिले को हैजा अधिसूचित घोषित किया गया है। बावजूद इसके खुला पानी बेचने का कारोबार धड़ल्ले से शहर में संचालित हो रहा है। जबकि दूषित और खराब पानी पीने के कारण ही सबसे ज्यादा पेट संबंधी बीमारियां होती है जो स्थिति है उसमें जिला अस्पताल में पीलिया, डायरिया, हैपेटाइटिस और दूसरी पेट रोग जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पिछले एक माह के दौरान इन बीमारियों के मरीजों की संख्या का आंकड़ा ८०० से ऊपर पहुंच चुका है। बावजूद इसके शहर में मिनरल वॉटर के नाम पर खुला पानी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।
Published on:
16 May 2018 08:17 pm
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