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545 गांवों की प्यास बुझाएगी 618 करोड़ की योजना, तेजी से चल रहा काम!

Jal Jeevan Mission: 618 करोड़ की जल जीवन मिशन के अंतर्गत चार मेगा प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम जारी है। योजनाएं पूरी होते ही 545 गांवों को सालभर मिलेगा साफ़ पेयजल, जल संकट से मिलेगी स्थायी राहत।

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बेतुल

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Akash Dewani

May 26, 2025

four mega projects under the 618 crore Jal Jeevan Mission in betul which will provide drinking water to 545 villages

mega projects: जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत बैतूल जिले में चार मेगा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रोजेक्ट निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो जाते हैं तो जिले के 545 गांवों में हमेशा के लिए लोगों को जलसंकट से मुक्ति मिल सकती है। वर्तमान में इन प्रोजेक्टों का काम प्रगतिरत होना बताया जाता है।

यह सभी प्रोजेक्ट जलसंसाधन विभाग द्वारा ताप्ती, माचना और वर्धा नदी पर बनाए जा रहे जलाशयों के पास ही बनाए जा रहे हैं ताकि साल भर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। इन प्रोजेक्टों के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने का दावा जल निगम कर रहा है।

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मेगा प्रोजेक्ट से दूर होगा जलसंकट

जिले के सभी गांवों में वैसे तो नलजल योजनाएं संचालित हैं, लेकिन गर्मी के दिनों में भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने से योजनाएं दम तोड़ देती हैं। इस स्थिति के चलते ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। इसे परेशानी को देखते हुए ही जिले में सतही जलस्त्रोतों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चार मेगा प्रोजेक्टों पर जिले में काम चल रहा है।

परियोजना क्रियान्वयन इकाई छिंदवाड़ा द्वारा समूह जल प्रदाय योजना का काम जिले में कराया जा रहा है। योजना से जुड़े अधिकिारयों का दावा है कि समय-सीमा में सभी योजनाओं का काम पूरा कर लिया जाएगा। यदि इन योजनाओं का काम पूर्ण हो जाता है तो भविष्य में लोगों को जल संकट से मुक्ति मिल जाएगी।

जिले के 41% गांवों को देगा पीने का पानी

बैतूल जिले में 1338 गांव है। इनमें से 545 गांवों में समूह जल प्रदाय योजना से पानी दिए जाने की योजना है। देखा जाए तो जिले का आधे गांव योजना से कवर हो जाएंगे। योजना का ठीक तरह से क्रियान्वयन और संचालन होता हैं तो इससे ग्रामीणों क्षेत्रों की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी। पेयजल के मामले में सभी गांव आत्मनिर्भर हो जाएंगे। बताया गया कि समूह जल प्रदाय योजना से आमला ब्लॉक के 12 गांव, आठनेर के 73 गांव, बैतूल के 185 गांव, भैंसदेही के 24 गांव, चिचोली के 1 गांव, घोड़ाडोंगरी के 1 गांव, मुलताई के 131 गांव, प्रभातपट्टन के 118 गांवों की जनता लाभांवित होंगी।

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ये है 4 मेगा प्रोजेक्ट्स

प्रोजेक्ट 01- ताप्ती पर स्थित घोघरी जलाशय के पास घोघरी समूह जल प्रदाय योजना बनाई जा रही है। 215.55 करोड़ से इस योजना पर काम चल रहा है। योजना के बनने के बाद 162 गांवों में पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।

प्रोजेक्ट 02- माचना नदी पर ग्राम गढ़ा के पास गढ़ा समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई है। 54.34 करोड़ की लागत से योजना पर काम चल रहा है। योजना के पूर्ण होने के बाद 51 गांवों में पेयजल की सप्लाई हो सकेगी।

प्रोजेक्ट 03- मुलताई ब्लॉक में वर्धा नदी पर वर्धा समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई है। 102.88 करोड़ की लागत से योजना पर काम चल रहा है। योजना के पूर्ण होने के बाद 91 गांों में पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।

प्रोजेक्ट 04- तासी नदी पर मेंढा समूह जल प्रदाय योजना बनाई गई है। 245.33 करोड़ की लागत से योजना पर काम चल रहा है। योजना के पूर्ण होने के बाद 241 गांवों में पेयजल सप्लाई हो सकेगी।

545 गांवों में पीने का पानी उपलब्ध होगा

परियोजना सब इंजीनियर निलेश सिंह तुरिया ने कहा कि जल निगम के माध्यम से जिले में समूह जल प्रदाय योजना के चार बड़े प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। कुल 618 करोड़ की योजनाएं हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जिले के 545 गांवों में पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा।