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तवा में डेढ़ घंटे तक छोड़ा 17 क्यूबिक फीट पानी, 24 घंटे में 3 इंच बारिश

झमाझम बारिश से सतपुड़ा जलाशय का लेबल लगातार बढ़ रहा, सारनी में 636 पहुंचा बारिश का आंकड़ा, निचली बस्तियों में भरा पानी, बाढ़ ने तीन दिनों से रोक रखा है पुनर्वास कैंप पहुंच मार्ग
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बैतूल

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Sandeep Nayak

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Updated: 22 Aug 2018, 7:00 AM IST

heavy rain in betul and harda

तवा में डेढ़ घंटे तक छोड़ा 17 क्यूबिक फीट पानी, 24 घंटे में 3 इंच बारिश

सारनी. चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अब परेशानियां बढ़ाना शुरू कर दिया है। नीचली बस्तियों में जहां पानी घुस गया है।सोमवार शाम से देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश से सभी नदी, नाले ऊफान पर रहे। वहीं औद्योगिक नगरी में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर कच्चे मकान गिरे हैं। सबसे तेज बारिश बीते 24 घंटे में 3 इंच दर्ज की गई है। इसी के साथ सारनी क्षेत्र में बारिश का आंकड़ा 636 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश से सतपुड़ा जलाशय का लेबल लगातार बढ़ रहा है। जिसे मेंटेंन करने तीन दिनों से तीन-तीन गेट लगातार खुले हैं।
सोमवार शाम से देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश से सभी नदी, नाले ऊफान पर रहे। राजडोह नदी में रात करीब 1 बजे अचानक आई बाढ़ के बाद सतपुड़ा जलाशय के 5 गेट 4-4 फीट की ऊंचाई तक खोल दिए गए। इससे तवा नदी में प्रति सेकंड करीब 17 हजार क्यूबिक फीट पानी छोड़ा गया। भोर में गेटों की संख्या घटाकर 5 से 3 कर दी गई।
साथ ही 4-4 फीट के स्थान पर तीन गेटों को 1-1 फीट की ऊंचाई पर खोले रखा। बावजूद इसके नांदिया घाट और शिवनपाट रपटे पर बाढ़ का पानी रहने से पुनर्वास कैंप चोपना के लगभग 32 गांवों का संपर्क बीते तीन दिनों से टूटा है। इससे पहले 17 जुलाई को सतपुड़ा डेम के पांच गेट 4-4 फीट की ऊंचाई पर खोले गए थे।

नीचली बस्तियों में घुसा पानी
सोमवार शाम से हो रही बरसात ने रात में मूसलाधार रूपधारण कर लिया। पानी निकासी नहीं होने से नाले के आसपास के घरों में पानी भर गया। वार्ड नंबर 26 के हंसाराम गुलबासे के घर में पानी घुसने के बाद दीवार गिर गई। शुक्र है कि कोई हताहत नहीं हुआ। इसी तरह लगातार हो रही बारिश से सुभाष नगर में दो कच्चे मकानों की दीवार गिर गई। जिसकी सूचना वार्ड पार्षद को दी गई है। औद्योगिक नगरी में और भी कई स्थानों पर बारिश से मकान गिरने की खबर सामने आ रही है।

बाढ़ आते ही राजडोह नदी पर नाव चालन बंद रहा। नदी के किनारे पर बंधी नाव अचानक आई बाढ़ में बहने लगी। जिसे नाव चालकों ने जान जोखिम में डालकर नदी से बाहर निकाला। गौरतलब है कि बीते वर्ष एक नाव बाढ़ में बह गई थी। इस बरसात में ठेकेदार द्वारा बनाई गई पनडूब्बी भी बाढ़ में बह गई थी। जिसे करीब 200 मीटर की दूरी से निकाला गया। नाव ठेकेदार सालकराम यादव बताते हैं कि रात 8 बजे के बाद नदी में बाढ़ बढऩे लगी जो अलसुबह तक चली। मंगलवार भी दिन भर नदी में बाढ़ रही।