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जिला विज्ञान प्रदर्शनी में उभरी भावी बाल वैज्ञानिकों की सोच

-कचरे से बिजली, सोलर स्मार्ट सिटी और ग्लोबल वार्मिंग पर आकर्षक मॉडल बने केंद्रबिंदु बैतूल। बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार की सोच को विकसित करने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी सत्र 2025-26 का आयोजन गुरुवार […]

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-कचरे से बिजली, सोलर स्मार्ट सिटी और ग्लोबल वार्मिंग पर आकर्षक मॉडल बने केंद्रबिंदु

बैतूल। बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार की सोच को विकसित करने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी सत्र 2025-26 का आयोजन गुरुवार को पीएम श्री शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल में किया गया। जिला परियोजना समन्वयक ने बताया कि इस प्रदर्शनी से पूर्व शाला स्तर, जन शिक्षा केंद्र स्तर एवं विकासखंड स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने जिला स्तरीय प्रदर्शनी में अपने नवाचारी और उपयोगी मॉडलों का प्रदर्शन किया।103 मॉडलों में दिखी बाल वैज्ञानिकों की रचनात्मकता जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में गणित, विज्ञान, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान से जुड़े कुल 103 मॉडल प्रस्तुत किए गए। गणित विषय (कक्षा 6वीं-8वीं) 19 मॉडल, विज्ञान एवं पर्यावरण विषय 33 मॉडल, सामाजिक विज्ञान विषय 51 मॉडल इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर चयनित विद्यार्थियों ने विचार संगोष्ठी, एकल गीत और लघु नाटिका के माध्यम से भी जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विचारों ने यह साबित किया कि भावी बाल वैज्ञानिक देश के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
भावी बाल वैज्ञानिकों के प्रमुख मॉडल
कचरे से बिजली उत्पादन का अभिनव प्रयोग
मुलताई विकासखंड के ग्राम लेंदागोंदी के कक्षा 8वीं के छात्र उदय देशमुख ने मात्र 500 रुपये की लागत से कचरे से बिजली उत्पादन का मॉडल तैयार किया। इस मॉडल में कचरे के जलने से उत्पन्न ऊर्जा से बिजली बनाई जाती है, वहीं बचे हुए कचरे की राख से ईंट जैसे उपयोगी निर्माण कार्य किए जा सकते हैं। यह मॉडल स्वच्छता और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रभावी संदेश देता है।
सोलर स्मार्ट सिटी में भविष्य की झलक
प्रभातपट्टन विकासखंड के ग्राम बिसनूर के कक्षा 8वीं के छात्र गिरीश डांगे ने सोलर स्मार्ट सिटी का मॉडल प्रस्तुत किया। मॉडल के माध्यम से उन्होंने दिखाया कि किस प्रकार सौर ऊर्जा के उपयोग से भविष्य की स्मार्ट सिटी संचालित की जा सकती है। यह मॉडल नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास की संभावनाओं को दर्शाता है।
ग्लोबल वार्मिंग पर चेतावनी देता मॉडल
घोड़ाडोंगरी विकासखंड के ग्राम सिवनपाट की कक्षा 7वीं की छात्रा अनन्या सूर्यवंशी ने ग्लोबल वार्मिंग पर आधारित मॉडल बनाया।मॉडल में औद्योगिक धुएं, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और जल प्रदूषण से बढ़ते वैश्विक तापमान के खतरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया गया।