
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लाड़ली बहनों के खाते में गैस सिलेंडर की सब्सिडी मिली थी। तब से अब तक सब्सिडी की राशि का इंतजार हो रहा है, लेकिन सब्सिडी नहीं आई। इससे लाड़लियों में नाराजगी बढ़ रही है। लाड़ली बहनों को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। इस योजना की शुरुआत राज्य स्तर पर 15 सितंबर को हुई थी। चुनाव के दौरान भाजपा ने इसे अपने संकल्प पत्र में भी शामिल किया था। सब्सिडी की राशि आचार संहिता लगने से पहले 6 अक्टूबर को तो डली, लेकिन इसके बाद सब्सिडी की राशि लाड़लियों के खाते में नहीं आई है। इसका मतलब ये है कि लाड़ली बहनों को जो गैस सिलेंडर 450 रुपए में मिलना था वह नहीं मिल रहा है।
ये थी लाभ लेने की शर्त
योजना की शुरुआत में प्रदेश सरकार ने शर्त रखी थी कि जिन भी महिला का लाड़ली बहना योजना में नाम है, उनके नाम पर गैस कनेक्शन है तो उस महिला को हर माह 450 रुपए माह में गैस सिलेंडर दिया जाएगा। यदि गैस कनेक्शन उसके पति के नाम पर है तो उसे महिला के नाम पर कराना होगा। तब इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसके बाद गैस एजेंसियों पर लाड़ली बहनों की लंबी -लंबी लाइन लग गई थी। लाड़ली बहनों को गैस सब्सिडी का लाभ दिलाने के लिए नगरपालिका ने भी वार्डों में शिविर लगाकर फार्म भरवाए थे।
आधी से अधिक महिलाएं
जिले में 2.81 लाख से अधिक लाड़ली बहना है। इनमें अधिकांश महिलाओं के नाम से ही कनेक्शन है। लाड़ली बहनाओं ने 450 रूपए में गैस सिलेंडर मिले इसलिए योजना का लाभ लेने फार्म भरा था। जिसका आंकड़ा अफसरो के पास भी सही से मौजूद नहीं है। जब इस योजना को लेकर लाड़लियों से बात की तो उनका कहना था कि जब योजना की शुरूआत हुई, बस तब एक बार ही सब्सिडी की राशि खाते में आई है। उसके बाद से पुन: रिफलिंग कराने में सब्सिडी नहीं मिली है। सिलेंडर के लिए पूरे 930 रुपए देना पड़ रहे हैं। पूर्व में जो सब्सिडी 6 रुपए प्रति सिलेंडर मिलती थी वह मिली है।
उज्वला को भी महंगा मिल रहा सिलेंडर
लाड़ली बहनाओं के साथ ही उज्जवला योजना की हितग्राही महिलाओं को भी सस्ते सिलेंडर का लाभ दिया जाना था। इन महिलाओं को केंद्र सरकार से मिलने वाली 300 रुपए की सब्सिडी तो मिल रह हैं, लेकिन राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी की राशि नहीं मिलने से उन्हें भी महंगे में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। उज्जवला महिला हितग्राहियों को 630 रुपए में सिलेंडर मिल रहा है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि प्रशासन स्तर पर पता करे की गैस सब्सिडी की राशि खाते में क्यों नहीं आ रही है।
इनका कहना है
फैक्ट फाइल
Updated on:
04 Jan 2024 03:17 pm
Published on:
04 Jan 2024 03:15 pm
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